जीका से डरे नहीं, मच्छरों की रोकथाम करें : सराफ

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जयपुर
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश में मौैैसमी बीमारियों जीका, डेंगू, चिकनगुनिया, स्वाइन फ्लू इत्यादि की रोकथाम हेतु गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं। मीडियाकर्मियों से जीका के संबंध में जनचेतना जाग्रत करने एवं जीका से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की गयी है। प्रदेश के सभी चिकित्सालयों में मौसमी बीमारियों से उपचार हेतु आवश्यक सभी दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।  
105 मरीज अब जीका के लक्षणों से मुक्त होकर सामान्य : चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने सोमवार को स्वास्थ्य भवन में आयोजित मीडिया आमुखीकरण कार्यषाला में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रविवार तक प्रदेश में जीका के कुल 120 सेम्पल पॉजिटिव पाये गये है। इनमें से 105 अब जीका के लक्षणों से मुक्त होकर अपना सामान्य कार्य कर रहे है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा भेजे गए विशेषज्ञ दलों ने जीका की रोकथाम के लिये मार्गदर्शन दिया है एवं विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों का अवलोकन कर इन कार्यों के प्रति संतुष्टि जाहिर की है।
प्रदेश में कुल 5 करोड़ पेरासिटामोल : चिकित्सा मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग प्रथम तिमाही की सभी पॉजीटिव पाई गई गर्भवती महिलाओं की जांच व उनकी मॉनिटरिंग कर रहा है और इसके लिए विशेषज्ञों की एक समिति गठित की जा चुकी है। जीका का उपचार सामान्य पैरासिटामोल से ही संभव है एवं प्रदेश के समस्त चिकित्सा संस्थानों में पेरासिटामोल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। इस समय प्रदेश में कुल 5 करोड़ पेरासिटामोल टेबलेट उपलब्ध है तथा अकेले जयपुर में ही 6 लाख टेबलेट उपलब्ध है। 
4 हजार स्वास्थ्य दलों द्वारा डेढ़ लाख घरों में सर्वे : सराफ ने बताया कि जीका के बारे में स्क्रीनिंग एवं जागरूकता के लिये डोर टू डोर सर्वे किया जा रहा है अब तक 4 हजार स्वास्थ्य दलों द्वारा डेढ़ लाख घरों में सर्वे किया जा चुका है। इस सर्वे के दौरान 5 लाख मच्छरों के प्रजनन स्थलों की जॉच लगभग 90 हजार कन्टेनर में लार्वा पाये जाने पर उसें नष्ट किया गया है। शहर के प्रभावित क्षेत्रों में 15 एल ई डी वैन व पेम्पलेट्स के माध्यम से भी प्रचार प्रसार किया जा रहा है।