जम के करो खरीददारी आज है इंदिरा एकादशी और 7 को सर्वार्थ सिद्ध योग

img

जयपुर
आज इंदिरा एकादशी पर मुख्य रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है साथ ही शुक्रवार देवी लक्ष्मी का दिन है। इस शुभ योग को खरीदारी के लिए भी अच्छा माना जा रहा है। वहीं 7 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्ध योग है दोनों की मुहूर्त बहुत ही शुभ है। हालांकि श्राद्ध पक्ष चल रहे है। मगर आपको बता दें कि श्राद्ध पक्ष को लेकर लोगों की पुरानी धारणाएं अब तेजी से बदल रही है। पहले इसे अशुभ माना जाता था और इन दिनों कोई नई चीज नहीं खरीदी जाती थी, लोगों की धारणाएं थी कि इन दिनों नई चीज खरीदने से पितर नाराज हो जाते होगें। लोगों की इस गलत धारणाओं के कारण पितृ पक्ष में व्यापार की गति भी धीमी पड़ जाती है। जबकि शास्त्रों में कहीं भी इस प्रकार का उल्लेख नहीं मिलता है कि श्राद्ध पक्ष में खरीदारी नहीं करनी चाहिए। मगर अब समझदार लोग इसका पूरा फायदा लेने लगें है बल्कि यूं कहिये कि अब ये ट्रेंड बन रहा है कि श्राद्ध में जम कर खरीदारी करलो। नई कार, बाईक, घर, ज्वैलरी आदि हमारी उन्नति और खुशी देख हमारे पूर्वज भी जरूर खुश होंगे और श्राद्ध का असली मकसद पूरा होगा वहीं दूसरी ओर कंपनियों द्वारा इस मौके दिये जाने वाले ढेरों ऑफर्स से भी फायदा हो जाएगा। क्यों शुभ है श्राद्ध पक्ष को अशुभ मानना उचित नहीं है क्योंकि श्राद्ध पक्ष गणेश चतुर्थी और नवरात्र के बीच आता है। शास्त्रों के अनुसार किसी भी शुभ काम की शुरूआत से पहले गणेश जी की पूजा की जाती है। इस आधार पर देखा जाए तो श्राद्ध पक्ष अशुभ नहीं है। श्राद्ध पक्ष में पितृगण पृथ्वी पर आते हैं और वह देखते हैं कि उनकी संतान किस स्थिति में हैं। संतान का अपनी चमचमाती नई कार का सपना, अपने घर का सपना या अपनी नई चमचमनई चीज खरीदती है तो पितरों को खुशी होती है क्योंकि उन्हें पता चलता है कि उनकी संतान सुखी और निरंतर उन्नति कर रही हैं। पहले समय में लोग इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान में अधिक समय देने के कारण वस्तुएं नहीं खरीदते पाते थे। यह परंपरा धीरे-धीरे रूढिवाद बन गई। अब समय आ गया है इस रूढिवादिता को खत्म किया जाए। श्राद्ध पक्ष में ऑफर का लाभ उठाएं व्यापार की गति बढ़ाने के लिए श्राद्ध पक्ष में कई कंपनियोंं व व्यापरियों की तरफ से कई बेहतरीन ऑफर दिये जाते हैं। अगर आप इस ऑफर का लाभ उठाना चाह रहे हैं तो मन से किंतु परंतु को निकाल दीजिए और जमकर खरीदारी कीजिए। ऐसा हम इस आधार पर कह रहे हैं क्योंकि ज्योतिषशास्त्र में कहा गया है कि शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से किसी प्रकार का दोष नहीं लगता है। आप जिन चीजों की खरीदारी करते हैं उससे आपको सुख मिलता है और उन चीजों में वृद्धि होती है। इस वर्ष श्राद्ध पक्ष के दौरान कई शुभ मुहूर्त बने हुए हैं जिसमें खरीदारी करना आपके लिए सुखद रहेगा। 5 अक्टूबर को इंद्रा एकादशी एवं 7 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्ध योग बन रहा है। इसके विषय में कहा जाता है कि इस योग में जो भी काम किया जाता है उसमें वृद्घि होती है। इन शुभ मुहूर्त में आप अपनी चाहत के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं। शॉपिंग कम होने का लॉजिक डिजाइनर लेडीज़ सूट के स्टोर मैनेजर विशन बताते हैं कि यह सही है कि श्राद्ध के दिनों में हमारी सेल 50 से 60 फीसदी कम हो जाती है लेकिन इसकी वजह यह भी हो सकती है कि बड़े डिस्काउंट वाली मॉनसून सेल कुछ दिन पहले ही खत्म हुई है, स्टोर पर नया स्टॉक आ चुका है। जाहिर है फ्रेश स्टॉक है, तो बहुत से कस्टमर्स को महंगा लगता होगा। नवरात्रों व दीवाली पर फिर डिस्काउंट शुरू होगा तो सेल बढ़ जाएगी। ऑनलाइन हो रही है खरीदारी पिछले कुछ सालों में ई-कॉमर्स सेक्टर का बिजनस बढ़ा है। हालांकि इसमें फैशन इंडस्ट्री का 90 फीसदी काम ऑफलाइन ही होता है, लेकिन यह भी तेजी से बढ़ रहा है। पितृपक्ष में खरीदारी को लेकर कुछ लोगों को तब डर लगता है जब वे बाजार में भीड़ कम देखते हैं। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं कि शॉपिंग बंद है। आयुष कहते हैं, 'मैं आजकल ऑनलाइन शॉपिंग कर लेता हूं, समय बच जाता है और डिस्काउंट भी मिल जाता है। मुझे एक पार्टी अटेंड करनी है तो ऑनलाइन शर्ट खरीद ली, 3 से 5 दिन में घर आ जाएगी। बड़े ब्रैंड्स को अपनी रेप्युटेशन का ख्याल है, तो उनका ऑनलाइन सामान भी वैसा ही है जैसा ऑफलाइन, तो स्टोर पर जाने की क्या जरूरत है। दुकानदार खुश है कि अब लोगों में पितृ पक्ष के शॉपिंग के लिए लिहाज से अशुभ होने की पुरानी मान्यता धीरे-धीरे टूट रही है। जमकर हो रही खरीदारी के बावजूद श्राद्ध पक्ष में मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।