स्वाइन फ्लू से घबराएं नहीं, तुरंत जांच करवाएं : वीनू गुप्ता

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जयपुर
अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वीनू गुप्ता ने बुधवार को स्वास्थ्य भवन में मौसमी बीमरियों की समीक्षा बैठक ली एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में जीका, डेंगू, मलेरिया मच्छरजनित मौसमी बीमारियों सहित स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण, रोकथाम एवं उपचार सेवाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मौसमी बीमारियों के संबंध में दैनिक मॉनिटरिंग की जा रही है। अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वीनू गुप्ता प्रदेशवासियों से स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण प्रतीत होने पर बिना घबराए तत्काल निकटवर्ती चिकित्सा केन्द्र पर जाकर जांच करवाने का आग्रह किया गया है। उन्होंने बताया कि स्वाइन फ्लू की निगरानी एवं पॉजिटिव पाए जाने पर उपचार सहित तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य नियंत्रण कक्ष सहित सभी जिलों में स्वाइन फ्लू के लिए स्थापित नियंत्रण कक्ष कार्य कर रहे हैं। टोल फ्री 104 अथवा 108 से स्वाइन फ्लू के लक्षण, जांच एवं उपचार के विषय में आवश्यक जानकारी ली जा सकती है और आवश्यक सूचनाएं भी दी जा सकती हैं। स्वाइन फ्लू रोग के उपचार के लिए सभी तरह की दवाइयां राजकीय चिकित्सालयों में निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध चिकित्सालयों एवं सभी जिला अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए सैंपल संग्रहण की भी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध चिकित्सालयों, सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्वाइन फ्लू के उपचार से संबंधित आवश्यक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। स्वाइन फ्लू की रोकथाम एवं उपचार के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित की जा रही है। पॉजिटिव पाए जाने पर रोगी के आसपास के 50 घरों का सर्वे कर इनफ्लूएन्जा के लक्षणों वाले रोगियों को ओसल्टामिविर दवा दी जा रही है। आमजन से तेज बुखार, नाक बहना, तेज सिरदर्द एवं गले में दर्द व खराश होने की स्थिति में अपने स्तर पर कोई भी दवा न लेने, इधर-उधर नहीं थूकने, बार-बार साबुन से हाथ धोने, खांसते या छींकते समय रुमाल का उपयोग करने तथा तुरंत नजदीकी चिकित्सालय में उपचार शुरू करवाने का आग्रह किया गया है। बैठक में निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. वीके माथुर, अतिरिक्त निदेशक ग्रामीण स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश माथुर सहित संबंधित अधिकारी मौजूद थे।