सूखा प्रदेश बना जल संचय की मिसाल : राजे

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जयपुर
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान की सफलता ने जल की दृष्टि से राजस्थान की तस्वीर बदल दी है। उन्होंने कहा कि जो राजस्थान कल तक सूखे प्रदेश के रूप जाना जाता था आज वह पूरी दुनिया में जल संचय की मिसाल बन गया है। आने वाले समय में इस अभियान से राजस्थान की तकदीर बदल जाएगी। राजे बुधवार को राज्य कृषि प्रबंध संस्थान में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के चतुर्थ चरण के शुभारम्भ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने अभियान के तीनों चरणों की सफलता के लिए सभी अधिकारी- कर्मचारियों, समाजसेवी संस्थाओं, संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह एक मात्र ऐसा अभियान है जिसे आमजन ने अपनी भागीदारी से इस ऊंचाई तक पहुंचाया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के तीन चरणों में 12 हजार 56 गांवों में 3 लाख 80 हजार से अधिक जल संरचनाओं का निर्माण हुआ है। जिनमें से अधिकतर जल से लबालब हैं। उन्होंने कहा कि चौथे चरण में करीब 4 हजार गांवों में जल संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले चरणों में हम सफलता के नए कीर्तिमान बनाएंगे। राजे ने इससे पहले मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के चौथे चरण के शुभारम्भ की तैयारियों का जायजा लेने नागौर जा रहे एक्सईएन रामवीर शर्मा, पंचायत समिति के सहायक अभियंता राजेन्द्र सिहाग एवं कार चालक तेजाराम के सड़क हादसे में निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने घटना में घायल सहायक अभियंता रामरतन डिलवाल, सथरेण निवासी शंकरलाल गोदारा एवं उनकी पत्नी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के तहत जल संसाधन की दृष्टि से अभिनव कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान जल संकट के समाधान के लिए क्रांतिकारी अभियान है, जिसे ब्रिक्स देशों ने भी सराहा है। दक्षिण अफ्रीका ने तो इस अभियान को अपने यहां भी शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पीएचईडी की मोबाइल जल परीक्षण प्रयोगशालाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। समारोह को नदी बेसिन एवं जल संसाधन प्राधिकरण के अध्यक्ष श्रीराम वैदिरे, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता एवं प्रमुख शासन सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज राजेश्वर सिंह ने भी संबोधित किया। शासन सचिव, पंचायतीराज कुंजीलाल मीणा ने आभार व्यक्त किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने स्वायत्त शासन विभाग एवं वन विभाग की ओर से तैयार मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान की सफलता को रेखांकित करती कॉफी टेबल बुक्स, एक लघु फिल्म तथा जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से तैयार करवाए गए स्टेट वाटर ग्रिड पोर्टल का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान से संबंधित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण, विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।