चेहरा वसुंधरा राजे का है या कमल के फूल का: गहलोत

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जयपुर
कांग्रेस के संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने भाजपा और सीएम वसुंधरा राजे पर हमला बोला है। गहलोत ने कई सियासी तीर चलाए। गहलोत ने कहा कि अमित शाह यह स्पष्ट करें कि राजस्थान में उनका चेहरा वसुंधरा राजे है या कमल का फूल। पहले तो वसुंधरा जी का चेहरा सामने रखकर चुनाव लडऩे की घोषणा हुई थी, अब मैंने सुना है वो चेहरा तो हो गया है गायब, वो तो रह गया है नाम मात्र का, अब हो गया है कमल का फूल आप तो कमल का फूल देखो, अमित शाह स्पष्ट करें कि कमल का फूल है या वसुंधरा जी का चेहरा ये स्पष्ट करना चाहिए। जनता को भ्रमित करके आप वोट ले लेते हो ये डेमोक्रेसी में अच्छी बात नहीं है। गहलोत सोमवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि  पिछली बार भी धोखा खा चुकी जनता अगली सरकार भाजपा सरकार ऐसी स्थति बनी कि रातों-रात विड्रोल करना पड़ा राजनाथ जी को अपना ऑर्डर, अगली सरकार मोदी सरकार, कमल का फूल तो उसी दिन मुरझा गया, पूरे तरीके से जब आपने अगली सरकार भाजपा के बजाय मोदी सरकार का नारा दिया था। तो अब ये वापस कमल का फूल लेकर जो आये है तो अब क्यों नहीं कहते की अगली सरकार मोदी सरकार? जब मोदी के नाम से वोट दो तो ये हालत देश में हो गए मोदीजी का ग्राफ नीचे आ गया है। वसुंधरा जी के प्रति तो लोगो में व्यक्तिगत आक्रोश है क्योंकी लोग कहते है की हमारे साथ धोखा हुआ, विश्वासघात हुआ है इन हालातो में ये प्रदेश चल रहा है। जब गहलोत से यह पूछा गया कि कौन बनेगा करोड़पति की हॉट सीट पर कौन है, तो गहलोत ने जवाब दिया, अभी गेम शुरु नहीं हुआ है, जब गेम शुरु होगा तब पता लगेगा कि हॉट सीट पर कौन है। अशोक गहलोत ने भाजपा को सीएम चेहरे को लेकर तो घेरा ही, कांग्रेस में सीएम की रेस को लेकर भी कह दिया है कि अभी गेम शुरु नहीं हुआ है। गहलोत ने एक बार फिर सियासी चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। गहलोत ने सीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में बजरी माफिया बेखौफ है, उपर तक हिस्सा पहुंचता है, किसानों को उपज का पूरा मूल्य नहीं मिल रहा, सीएम 15 लाख रोजगार के वादे पर जवाब दें। अशोक गहलोत ने कर्मचारी हड़ताल पर सरकार को घेरा और कहा कि ऐसा नजारा पहली बार देखा कि सभी कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं और सीएम आचार संहिता लगने का इंतजार करती रहीं। अशोक गहलोत ने आचार संहिता के उल्लंधन का आरोप लगाते हुए भामाशाह स्लिप,राशन कार्ड और पोस मशीन की स्लिप से कमल का फूल हटाने की मांग की। गहलोत ने कांग्रेस की सरकार बनने पर भाजपा सरकार पर लगे आरोपों का पूरा ब्यौरा जनता के सामने रखने की भी बात कही। इससे पहले गहलोत भ्रष्टाचार के मामलों की जांच पर भी बयान दे चुके हैं। गहलोत ने कहा कि और तो और कोड ऑफ़ कंडक्ट की धज्जियां उड़ रही है। आपको याद होगा हमारे वक्त एलईडी बल्ब बांटे जा रहे थे उसके उपर कोई सीएम की फोटो लगी हुई थी तो रोक दिया गया।इलेक्शन कमीशन को मैं कहना चाहूँगा की कृपा करके ध्यान रखे की वाजपेयी गवर्मेंट के अंदर भी सड़के भी थी उनके उपर भी जो बोर्ड लग गए थे, होर्डिंग लग गए थे वाजपेयी जी के वो हटा दिए गए थे। अब क्या इस भामाशाह कार्ड पर भी है, राशन कार्ड पर भी है, राशन की जो स्लिप निकलती है उस पर भी है, जो मशीन होती है उस पर भी कमल का फूल लगा हुआ है, तो इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया को चाहिए, उनके प्रतिनिधि यहाँ बैठे हुए है उनको चाहिए की इस पर क्या कार्यवाही करे वो जनता को बताएं।