कांग्रेस में पहली सूची के साथ ही बवाल

img

जयपुर
राजस्थान विधानसभा चुनाव में 48 सीटों पर फंसे पेंच को निपटाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपना मध्य प्रदेश का दौरा बीच में छोड़कर दिल्ली लौट गये हैंं। राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में शाम का शहडोल का प्रोग्राम रद्द कर दिया है वह वापस दिल्ली आकर राजस्थान के झगड़े को सुलझाने की कोशिश करेंगे। बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष दिल्ली पहुंचकर पार्टी के नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष के साथ राजस्थान के पूर्व में पूर्व सीएम अशोक गहलोत, प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट, रामेश्वर डूडी और स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरपर्सन कुमारी शैलजा समेत सोनिया गांधी के पूर्व राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल और कांग्रेस के चारों सचिव और राजस्थान को लेकर बनी कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी के 4 सदस्य भी शामिल रहें। राजस्थान के लिए अभी भी 48 सीटों पर पेंच फंसा हुआ है यह वह सीटें हैं जहां पार्टी फैसला नहीं कर पा रही है, इनमें एक दर्जन सीटें ऐसी भी है जिनको लेकर अशोक गहलोत, सचिन पायलट और रामेश्वर डूडी में ठनी है। इन सीटों पर एक से ज्यादा उम्मीदवारों की मजबूत दावेदारी है। राहुल गांधी चाहते हैं कि इन सीटों पर आपसी विवाद खत्म हो जाए और कांग्रेस नेताओं में आपसे सहमति बन जाए। हालांकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के ऊपर भी आरोप लग रहा है कि उन्होंने अपना वादा नहीं निभाया। राहुल गांधी ने राजस्थान में कहा था कि पार्टी सच्चे कार्यकर्ता को ही टिकट देगी पैराशूट उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिया जाएगा। महिलाओं और युवाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी लेकिन जो सूची कांग्रेस ने जारी की है इसका ठीक उल्टा हुआ है। कांग्रेस ने 2 दिन पहले ही पार्टी के अंदर शामिल हुए दौसा के सांसद हरीश मीणा और नागौर के विधायक हबीबुर्रहमान को विधानसभा का टिकट दे दिया है। पार्टी के इस फैसले से कार्यकर्ताओं में रोष है। कुछ दिन पहले ही पार्टी में शामिल हुए मानवेंद्र सिंह के समर्थकों को भी टिकट दिया गया है जिसको लेकर भी कार्यकर्ता अपना विरोध जता रहे हैं। राजस्थान में कई सीटों पर पार्टी कार्यकर्ता बाहरी लोगों को टिकट देने का आरोप लगा रहे हैं, साथी बड़े नेताओं पर अपने बच्चों को टिकट देने का आरोप लग रहा है। दरअसल कांग्रेस की पहली सूची में भाई भतीजा वाद खूब जमकर चला है।  
जिन नेताओं के बच्चों को टिकट मिले हैं इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अबरार अहमद के बेटे दानिश, नारायण सिंह के बेटे वीरेंद्र चौधरी, मकबूल मंडेलिया के बेटे रफीक मंडेलिया को चूरू से टिकट दिया गया है, जबकि वह पिछला चुनाव हार चुके थे। कांग्रेस नेता महिपाल मदेरणा की बेटी दिव्या को पार्टी में विधानसभा का टिकट दिया गया है। इसके अलावा हीरालाल मंदिरा के इसके अलावा हीरालाल इंदौरा के बेटे कुलदीप को चुनाव लडऩे का मौका दिया गया है जबकि सहदेव शर्मा के बेटे प्रशांत को भी मौका मिल गया है। 
द्वारिका प्रसाद बैरवा के बेटे प्रशांत, गुलाब सिंह के बेटे गजेंद्र सिंह और रामनारायण चौधरी की बेटी रीता चौधरी को टिकट दिया गया है। यह सभी को सीटें हैं जिन पर कांग्रेस कार्यकर्ता टिकट मांग रहे थे लेकिन उनकी उपेक्षा कर दी गई। इसके अलावा मलखान विश्नोई के बेटे महेंद्र और जुझार सिंह के बेटे भरत सिंह को भी पार्टी ने विधानसभा का टिकट दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भी लगने लगा है कि जिस तरीके से पहली सूची जारी होने के बाद कार्यकर्ताओं में बवाल मचा है उससे कांग्रेस की राजस्थान में संभावना धूमिल हो सकती है। लिहाजा वह चाहते हैं कि बाकी जो 48 सीटें बची हैं उनमें कार्यकर्ताओं के साथ न्याय कर दिया जाए, इसीलिए वह चाहते हैं कि टिकटों का बंटवारा उनके सामने हो इसलिए प्रदेश का दौरा बीच में छोड़कर वह दिल्ली आकर मीटिंग को अटेंड करेंगे।