अप्रेन्टिसशिप साझेदारी के लिए हिल्टी प्रतिनिधिमंडल ने किया बीएसडीयू जयपुर का दौरा

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हिल्टी के प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू), जयपुर का दौरा किया, जहां आरयूजेसीटी के प्रेसीडेंट ट्रस्टी श्री जयंत जोशी और बीएसडीयू के प्रेसीडेंट डॉ (ब्रि) सुरजीतसिंह पाब्ला ने उन्हें संस्थान का दौरा कराया। प्रतिनिधिमंडल के समक्ष बीएसडीयू की सुसज्जित प्रयोगशालाओं, कौशल प्रशिक्षण मॉड्यूल और अंतरराष्ट्रीय मानक संकाय का प्रदर्शन किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य अप्रेन्टिसशिप साझेदारी का पता लगाना था, जिसके तहत हिल्टी बीएसडीयू के छात्रों को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान कर सकता है। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बी. वोक. में दिए जा रहे प्रशिक्षण की प्रक्रिया और गहराई को बेहतर ढंग से समझने के लिए छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ बातचीत भी की। हिल्टी के प्रतिनिधिमंडल में हिल्टी हेड क्वार्टर लिचेंस्टीन के हैड-वोकेशनल ट्रेनिंग श्री रेमो क्लाउसर, हिल्टी गुजरात और लिचेंस्टीन के टैक्नीकल प्रोजेक्ट मैनेजर श्री डाइटमार बाइंडर और हिल्टी गुजरात के डिप्टी मैनेजर प्रोडक्शन श्री केतन राठोड शामिल थे। उन्होंने महिंद्रा सेज में आरयूजे समूह के आरएस इंडिया - स्विस प्रेसिजन और असेंबली यूनिट का दौरा किया, जहां आरएस इंडिया के महाप्रबंधक हरबर्ट रोसेनास्ट ने आरएस इंडिया की निर्माण प्रक्रियाओं के बारे में प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी। बीएसडीयू के प्रेसीडेंट डॉ (ब्रि) सुरजीतसिंह पाब्ला कहते हैं, ‘‘दुनिया भर में फास्टनिंग टेक्नोलॉजी और सॉल्यूशंस व पावर टूल्स प्रदाता के तौर पर हिल्टी विश्व स्तर पर एक जाना-माना नाम है। हमें हिल्टी के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए बेहद प्रसन्नता हुई है और हमें यकीन है कि इस तरीके से एक गहन साझेदारी विकसित हो सकेगी और एक ऐसा बेहतरीन स्किल ईकोसिस्टम तैयार किया जा सकेगा, जहां बीएसडीयू से प्रशिक्षित छात्र राष्ट्र की तरक्की के साथ-साथ व्यावसायिक विकास की दिशा में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे। हम चाहते हैं कि हमारे छात्र विनिर्माण के वैश्विक मानकों से जुडें और हिल्टी के साथ साझेदारी करना भी हमारी एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। बीएसडीयू भारत में एक अद्वितीय कौशल विकास विश्वविद्यालय है, जिसके पीछे भारतीय प्रतिभाशाली युवाओं के लिए अवसरों को उत्पन्न करते हुए इसे कौशल विकास के क्षेत्र में एक वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र बनाने की दृष्टि काम कर रही है। मकसद है कि भारतीय युवाओं को सर्वश्रेष्ठ कारखानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए वैश्विक स्तर पर काबिल बनाया जा सके। हिल्टी के प्रतिनिधिमंडल ने कहा, ‘‘हिल्टी का लक्ष्य अपने ग्राहकों को हाई एंड प्रोडक्शन क्वालिटी और निरंतर आर एंड डी के माध्यम से गुणवत्ता समाधान प्रदान करना है। हमें यह बहुत महत्वपूर्ण लगा कि उद्योग 4.0, 3 डी प्रिंटिंग और मॉडलिंग, रोबोटिक्स और स्थायित्व जैसी अवधारणाओं को बीएसडीयू के प्रशिक्षण मॉड्यूल में अच्छी तरह से शामिल किया गया है। हमें लगता है कि उच्चतम गुणवत्ता वाले उत्पादों को केवल तभी हासिल किया जा सकता है, जब कर्मचारियों की प्रतिभा को बेहतर तरीके से पोषित किया जाए। और हमें इस बात ने भी बहुत प्रभावित किया कि बीएसडीयू के छात्रों के मन में अपने काम को लेकर बहुत जुनून और जोश है। बीएसडीयू में छात्रों और प्रशिक्षुओं का प्रशिक्षण मशीन के बुनियादी संचालन से शुरू होता है जहां छात्रों की जिम्मेदारी अपने पूरे कार्य संचालन का खुद ही ख्याल रखना है। हिल्टी का कामकाज 120 से अधिक देशों में फैला है, जिसमें लगभग 29,000 कर्मचारी निर्माण उद्योग को चौतरफा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिनमें डिजाइन, प्रोडक्ट्स और टूल्स के लिए सॉफ्टवेयर और प्रशिक्षण, मरम्मत, परीक्षण और परामर्श के लिए ऑनसाइट काम करने के उपकरण शामिल हैं।

बीएसडीयू के बारे में
2016 में स्थापित भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) भारत की पहली विशुद्ध कौशल आधारित यूनिवर्सिटी है। बीएसडीयू को स्थापित करने के पीछे भारतीय प्रतिभाशाली युवाओं के लिए अवसरों को उत्पन्न करते हुए इसे कौशल विकास के क्षेत्र में एक वैश्विक उत्कृष्टता केंद्र बनाने की दृष्टि काम कर रही है। मकसद है कि भारतीय युवाओं को सर्वश्रेष्ठ कारखानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए वैश्विक स्तर पर काबिल बनाया जा सके। स्विट्जरलैंड के डॉ राजेंद्र के जोशी और उनकी पत्नी श्रीमती उर्सुला जोशी के नेतृत्व और विचार प्रक्रिया के तहत, बीएसडीयू शिक्षा के ‘स्विस-ड्यूअल-सिस्टम‘ का पालन करता है जो सैद्धांतिक भाग के साथ-साथ उद्योगों के वास्तविक माहौल में व्यावहारिक प्रशिक्षण पर समान रूप से जोर देता है। बीएसडीयू राजेंद्र उर्सुला जोशी चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत एक शैक्षिक उद्यम है।