जांच में कमी मिली तो होगी कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही : शर्मा

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जयपुर
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के विशिष्ट शासन सचिव एवं मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. समित शर्मा ने प्रदेश के कुछ अस्पतालों में निरीक्षण के दौरान निशुल्क दवाएं उपलब्ध होते हुए भी प्रोपोगेंडा ड्रग्स बाजार से मंगवाए जाने, जांच उपकरणों की उपलब्धता के बावजूद जांचें नहीं किए जाने एवं कबाड़ की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए इसकी जिम्मेदारी तय करने के निर्देश जारी किए हैं। 
अब प्रदेशभर में अभियान चलाकर चिकित्सा संस्थानों में इन सुविधाओं और साफ-सफाई की स्थिति का आकलन किया जाएगा और कमी मिलने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। मिशन निदेशक ने सभी संयुक्त निदेशक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं प्रमुख चिकित्सा अधिकारियों को अगले पांच दिन में उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला, उप जिला एवं सेटेलाइट अस्पताल में आवश्यक दवाओं एवं जांच की सुविधा सुनिश्चित कराने के साथ साफ-सफाई एवं पुराने कबाड़, नाकारा सामान के निस्तारण के निर्देश दिए हैं। डॉ. शर्मा ने बताया कि तीन दिन पूर्व राज्य स्तरीय टीम द्वारा निरीक्षण किए जाने पर कुछ अस्पतालों में गंभीर गंदगी, दवाइयां उपलब्ध होने पर भी ब्रांड नाम से प्रोपोगेंडा ड्रग्स बाजार से मंगाने एवं जांच उपकरण उपलब्ध होने पर भी जांचें नहीं किए जाने की स्थिति सामने आई थी। नसीराबाद के उप जिला चिकित्सालय में गंदगी के ढ़ेर मिले थे जबकि प्रदेशभर में अस्पतालों में हाइजीन के लिए 1 अप्रेल से 15 अप्रेल तक स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसी तरह अजमेर के श्रीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रोपोगेंडा दवाइयां लिखी जाती मिलीं और मशीनें उपलब्ध होने पर भी खून की जांच और एक्स-रे सुविधा नहीं दी जा रही थी। यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है। मिशन निदेशक ने बताया कि सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को उनके क्षेत्राधीन संस्थानों का निरीक्षण कर 16 से 20 अप्रेल के मध्य इन निर्देशों की पालना करने के लिए कहा गया है। इसके बाद 22 अप्रेल से 26 अप्रेल के मध्य राज्य स्तरीय टीमें इन संस्थानों में साफ सफाई, नि:शुल्क दवा व नि:शुल्क जांचों की उपलब्धता का निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण करेंगी। उन्होंने बताया कि इन कार्यों में लापरवाही पायी गई तो संबंधित चिकित्सा अधिकारी, प्रभारी मैट्रन मेल नर्स लैबोरेट्री, टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट आदि के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।