जेकेके में 'शब्द लीला' का हुआ मंचन

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जयपुर
जवाहर कला केंद्र (जेकेके) के वीकेंड थिएटर कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को रंगायन में 'शब्द लीला' नाटक का मंचन किया गया। प्रख्यात उपन्यासकार, कवि एवं नाटककार, डॉ. धर्मवीर भारती की रचनाओं 'अंधा युग', 'कनुप्रिया' और 'एक साहित्यिक के प्रेम पत्र' पर आधारित इस नाटक का निर्देशन के. के. रैना द्वारा किया गया। इसकी संकल्पना, पटकथा और प्रस्तुति प्रसिद्ध अभिनेत्री, इला अरुण द्वारा की गई। नाटक में 'अंधा युग' का कथानक महाभारत युद्ध के अंतिम दिन पर आधारित था जिसमें युद्ध और उसके बाद की समस्याओं और मानवीय महत्वकांक्षाओं को प्रस्तुत किया गया। जबकि 'कनुप्रिया' भगवान कृष्ण एवं राधा के संबंधों की काव्यात्मक प्रस्तुति थी, जिसमें भगवान कृष्ण के द्वारका छोड़ते समय राधा की व्यग्रता का चित्रण किया गया। इसी प्रकार 'एक साहित्यिक के प्रेम पत्र' धर्मवीर भारती द्वारा अपनी पत्नी पुष्पा भारती को लिखे गए व्यक्तिगत पत्रों के कलेक्शन पर आधारित था। ड्रामैटिक रीडिंग के माध्यम से राधा-कृष्ण तथा पुष्पा-भारती के जीवन एवं किस्से-कहानियों के मध्य सम्बंध स्थापित कर आधुनिक संदर्भ में इनका महत्व दर्शाया गया। यह प्रस्तुति मात्र स्टोरी टेलिंग नहीं होने से अन्य नाटकों से भिन्न थी। अनूठा अनुभव होने के साथ-साथ इस प्रस्तुति ने दर्शकों के मस्तिष्क पर गहन छाप छोड़ी। नाटक के कुछ हिस्सों में, इला अरुण द्वारा कहानीकार की भूमिका निभाई गई। उन्होंने 'अंधे युग' में गांधारी की भूमिका भी निभाई। नाटक के मुख्य किरदार धर्मवीर भारती की भूमिका बरूण बदोला द्वारा निभाई गई। जबकि राजेश्वरी सचदेव ने उनकी पत्नी और 'राधा' का किरदार निभाया। नाटक के अन्य कलाकारों में के. के. रैना, उदित अरोडा, देवेश सिवाल, अनमोल बकाया और अविनाश कुमार थे। नाटक के सपोर्टिंग क्रू में विजुअल्स पर अर्नब चौधरी, संगीत पर ध्रुव घानेकर, लाइट्स एवं सेट पर सलीम अख्तर और स्पेशल इफैक्ट्स एवं साउंड ऑपरेशन पर संजॉय डाज शामिल थे।