शहर के लोगों में जागरूकता लाएगा 'जयपुर पॉल्यूशनरी दिवाली'

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जयपुर
हर साल के साथ दिल्ली के बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए इस साल जयपुर शहर में कई ऐसी कोशिशें जारी है जिनसे पटाखों और आतिशबाज़ी के प्रदूषण से बचा जा सके। इसी कड़ी में गुलाबी नगरी के कुछ चर्चित जाने-माने चहरों ने प्रदूषण रहित दिवाली के पक्ष में अपने क़दम बढ़ाए है। इसी कड़ी में सोशल वर्कर सुधीर माथुर के निवास मालार्पण में समग्र दिवाली समारोह का आयोजन किया गया। इस मौक़े पर मीरा कटारिया, दिपाली चुग, फ़ैशन मेंटर गौरव गौड़, नीरल राज बबूता, सोशलवर्कर सुधीर माथुर, डिज़ाइनर शिप्रा गोयल, होटेलियर रिंकु जोशी, एक्टर ऋषि मिगलनी, फ़ैशन डिज़ाईनर आशना वासवानी, सिम्प्ली गुडग़ांव के डायरेक्टर विशाल के. स्वामी, एलिट मिस राजस्थान अर्शीना संबल, ओकेजन वेन्यू के फाउंडर अंकुर सिहाग ने शिरकत की। हैशटैग के साथ शेयर करे पॉल्यूशन फ्ऱी फ़ोटो- कार्यक्रम के बारे में बताते हुए मीरा कटारिया कहती हैं कि जिस दिशा में आज देश जा रहा है उसे देख ये कहना मुश्किल है कि हम अपनी आने वाली पीडिय़ों के लिए क्या छोड़ के जाएंगे। प्रदूषण का आतंक ऐसा है कि हर इंसान को किसी ना किसी बीमारी ने जकड़ रखा है। इसी को देखते हुए जयपुर में ध्वनि और वायु प्रदूषण से बचने के लिए 'प्तजयपुरपॉल्यूशनफ्ऱीदिवाली' कैम्पेन की शुरुआत कर रहे है। जिसके साथ हम उम्मीद करते हैं कि जयपुर के युवा अपनी पॉल्यूशन फ्ऱी दिवाली सेलिब्रेशन की पिक्चर्स इस हैशटैग के साथ अप्लोड करके लोगों को जागरूक करेंगे ।

-पटाखों से किसी का नहीं कोई फ़ायदा-
मीरा कटारिया बताती हैं कि हम मॉडर्न होने के साथ असली दिवाली का अर्थ भूलते जा रहे है। पटाखा फ़ैक्ट्रीज़ के मज़दूर कुछ समय बाद बीमारियों की गिरफ़्त में आ जाते है। वहीं आज दिल्ली जैसे शहर में पैदा होने वाले बच्चे तक पहली हवा प्रदूषण वाली लेते है। पटाखों की आवाज़ से जानवरों को तकलीफ और इंसानों को बीमारियां, इस तरह की दिवाली से किसी को फ़ायदा नहीं पहुचंता। जबकि असली दिवाली दीयों वाली होती है जहां सरसों के तेल, असली घी और कपूर के साथ दिवाली बना के ना ही अपने आस-पास के माहौल को जगमग करते हो साथ ही वातावरण में वायु को भी स्वच्छ करते हो। इस साल हम ऐसी ही पुरानी वाली दिवाली का उत्सव मनाने की जागरूकता लाना चाहते है।