जसोल, बालोतरा परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश: कृष्णा कांत पाठक

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जयपुर
उद्योग आयुक्त डॉ. कृष्णा कांत पाठक ने प्रदेश मेें टैक्स्टाइल उद्योगों के प्रदूषित पानी के ट्रीटमेंट के लिए एकीकृत प्रोसेसिंग विकास परियोजना के तहत स्वीकृत तीनों परियोजनाओं की क्रियान्विति में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं वहीं पाली की परियोजना की संशोधित डीपीआर शीघ्र तैयार करने को कहा है। उन्होंने जयपुर विकास प्राधिकरण से सांगानेर सीईटीपी परियोजना को स्लज ड्राई के लिए 3 बीघा भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उद्योग आयुक्त डॉ. पाठक शुक्रवार को उद्योग भवन में जयपुर के सांगानेर, बाड़मेर की जसोल और बालोतरा व पाली की केन्द्र व राज्य सरकार के सहयोग से संचालित सीईटीपी परियोजनाओं की प्रगति समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 296 करोड़ रु. की लागत से तीन सीईटीपी परियोजनाएं संचालित हो रही है। उन्होंने परियोजनाओं की क्रियान्वयन संस्था स्पेशल परपज ह्वीकल (एसपीवी) संचालकों से कहा कि वे एसपीवी के हिस्से की राशि के लिए बैंकों पर निर्भरता के स्थान पर स्वयं की सहभागिता से परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करे। डॉ. पाठक ने बताया कि जयपुर के सांगानेर में 159 करोड़ की जीरो लिक्विड डिसचार्ज परियोजना ने काम करना आरंभ कर दिया है। परियोजना पर 117 करोड़ रु. व्यय हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि सांगानेर सीईटीपी को 3 बीघा भूमि उपलब्ध होने पर स्लज को सूखा कर उदयपुर भेजा जा सकेगा। सांगानेर में 847 वस्त्र उद्योग इस परियोजना से जुड़े हैं और 50 उद्यम और जोड़े जाएंगे। इस परियोजना पर केन्द्र सरकार द्वारा 75 करोड़ रु., राज्य सरकार द्वारा 39 करोड़ 75 लाख रु. व एसपीवी सांगानेर द्वारा 44 करोड़ 25 लाख रु. की सहभागिता की परियोजना है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पूरी राशि स्वीकृत की जा चुकी हैं वहीं केन्द्र सरकार से दूसरी व अंतिम किस्त जारी करने का आग्रह किया गया है। सांगानेर सीईटीपी ने काम करना आरंभ कर दिया है। डॉ. पाठक ने बताया कि बालोतरा में 115 करोड़ 13 लाख की स्वीकृत परियोजना आरओ प्लांट का काम जारी है। इस परियोजना से 375 इकाइयां लाभान्वित होंगी। उन्होंने परियोजना के काम में गति लाने के निर्देश दिए। इसी तरह से जसोल परियोजना 22 करोड़ 49 लाख रु. व्यय होंगे। उन्होंने परियोजना की क्रियान्विति में तेजी लाने के निर्देष दिए। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में जसोल की 110 औद्योगिक इकाइयां लाभान्वित होंगी। आयुक्त पाठक ने पाली एसपीवी को कार्यप्रणाली में बदलाव लाने की आवष्यकता प्रतिपादित करते हुए कहा कि एसपीवी द्वारा प्रभावी क्रियान्वयन के अभाव में केन्द्र सरकार द्वारा परियोजना को निरस्त किया गया। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार से इस परियोजना को पुन: स्वीकृत कराने के प्रयास जारी है। उन्होंंने पाली एसपीवी से संषोधित डीपीआर शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। अतिरिक्त निदेषक उद्योग श्री आरके आमेरिया ने बताया कि राज्य की सीईटीपी परियोजनाओं की प्रगति की प्रतिमाह समीक्षा की जाएगी ताकि परियोजनाएं सुचारु रुप से संचालित हो सके। जयपुर विकास प्राधिकरण के जोनल आयुक्त श्री गिरीष पाराषर ने बताया कि सांगानेर एसपीवी से समन्वय बनाते हुए षीघ्र ही समस्या को हल कर लिया जाएगा। बैठक में उपनिदेषक श्री चिंरजी लाल, आईएलएफएस, नगर निगम, प्रदूषण बोर्ड व परियोजनाओं के प्रतिनिधियों ने विस्तार से जानकारी दी।