मीना गुली का रनिंगड्राई अभियान जयपुर से गुजरा

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जयपुर
जल संरक्षण एवं वैश्विक जल संकट पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए 100 दिनों में 100 मैराथन के अभियान पर निकली आस्ट्रेलिया की 48 वर्षिय मीना गुली जो कि अब हांगकांग में बस चुकी है, ने अपनी मैराथन को सफलतापूर्वक आगे बढाते हुये गुलाबी शहर में प्रवेश किया। मीना गुली कि अपनी यात्रा के दौरान जगह - जगह रूक कर लोगों को जल के प्रति जागरूक कर रही है। इस जगहों के रास्ते में पडऩे वाले शो-रूम, खेत, फैक्ट्री या स्कूल इत्यादि शामिल है। भारत में प्रॉविजमा लाइफ  इस इवेंट को संचालित कर रहे है। लोगों में जागरूकता अभियान बढ़ाने के उद्देश्य से रंनिगड्राई अभियान को न्यूयार्क में 4 नवम्बर को शुरू करने के बाद पूर्व अधिवक्ता एवं इन्वेस्टमेंट बैंकर मीना गुली 23 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक भारत के दौरे पर है। मीना गुली का यह अभियान 11 फरवरी 2019 को न्यूयार्क शहर में 100वीं मैराथन के साथ पूरा होगा। जयपुर आगमन पर गुलाबी शहर ने पानी बचाने के लिए मीना गुली के साथ इस अभियान में सहयोग  देने की प्रतिज्ञा की। मीना गुली राजस्थान के अनेकों शहरो एवं गाँवो में जाकर अपने अभियान को आगे बढाते हुए जल के प्रति जागरूकता पैदा कर रही है। जयपुर के बाद वह किशनगढ रवाना हो गई। जल संरक्षक एवं एक तेज रनर मीना गुली वैश्वक जल संकट पर लोगों का ध्यान आकर्र्षित करने के लिए 100 दिनों में 100 मैराथनों में  दौडने की तैयारी कर रही हैं और उनका एक ही उद्देश्य है - जल। आज से केवल 12 वर्षों के बाद 2030 तक दुनिया को पानी की आपूर्ति और मांग के बीच अनुमानित 40' की कमी का सामना करना पड सकता है। रंनिगड्राई अभियान में एक दिन में एक मैराथन में  दौडकर दुनिया भर की यात्रा करते हुए पानी से जुडी अत्यंत प्रेरणादायक कहानियों का वर्णन करने के साथ-साथ मीना गुली इस समस्या का समाधान निकालने के लिए प्रतिदिन काम करने वाले नायकों पर प्रकाश डालेंगी। रंनिगड्राई न्यूयॉर्क शहर मैराथन में 4 नवंबर को शुरू किया गया था। इस अभियान के दौरान मीना इंग्लैंड, फंस, इटली, उजबेकिस्तान और अरब सागर, भारत, हांगकांग, चीन, दुबई, जॉर्डन, इजराइल, फिलिस्तीन, इथियोपिया, केन्या, दक्षिण अफ्रीका , आस्ट्रेलिया, चिली, बोलीविया, पेरू और मैक्सिको में दौडेगी और पूरे अमेरिका भर में दौडकर 11 फरवरी 2019 को न्यूयॉर्क शहर में अपना 100वां मैराथन पूरा कर इस अभियान का समापन करेंगी।
मीना ने कहा, मेरी दौडें जल का संरक्षण करने के लिऐ एक जुट होने के लिए दुनिया के लिए आहवान है। हमें जीवित रहने के लिए जिस पानी की जरूरत है, वो कम होता जा रहा है। हम इस अभियान को रंनिगड्राई का नाम दे रहे है क्योकि हमें जिस संकट का सामान करना पड़ रहा है। हम उसके प्रति गंभीरता की इच्छा करते है। यही कारण है कि मैने करने के लिए कुछ अचूक चुना है। दुनिया भर में 100 दिनों में 100 मैराथनों में दौडना, यह दिखाने के लिए कि पानी के प्रति पूर्णत: प्रतिबद्ध होना कैसा होता है। हम सभी दुनिया के जल संकट को हल करने में मदद कर सकते है। हम में सें हरक इंसान अपना योगदान देने में सक्षम है। अपने सभी दौडों के दौरान मीना और रंनिगड्राई अभियान की टीम वैश्विक जल संकट से अत्यधिक प्रभावित हुए कुछ लोगों के साथ-साथ कंपनियों, संगठनों और उन लोगों से मिलेंगे जो इस समस्या को हल करने के लिए अभिनवताओं का सृजन कर रहे हैं। मीना कहती हैं, एक समाज के तौर पर हमारें हाथ में ताकत है। उस शक्ति के साथ हमें न केवल अपनी बहुमूल्य और अवि़श्वसनीय रूप से दुर्लभ जल आपूर्ति को इस्तेमान करने के बल्कि उसके प्रति अपने दृष्टिकोण मे एक वास्तविक परिवर्तन करने के लिए कंपनियों और सरकारों को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। मानव सभ्यता को अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड रहा, जनसंख्या और अर्थिक विकास के वर्तमान सामान्य तौर तरीकों अनुमान अनुसार 2030 तक ताजा पानी की उपलब्धता में अनुमानित 40 प्रतिशत कमी।