मच्छर जनित मलेरिया का जयपुर समेत उदयपुर, डूंगरपुर, व प्रतापगढ़ में सबसे ज्यादा प्रकोप

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जयपुर
मादा एनोफिलिज मच्छर के काटने से फैलने वाले मलेरिया में हर साल जयपुर समेत उदयपुर, डूंगरपुर, चित्तोडग़ढ़, नागौर व प्रतापगढ़ आगे है। इसके बावजूद चिकित्सा विभाग यहां पर मलेरिया प्रजाति के प्लाजमोडियम वाइवेस्क व प्लाजमोडियम फेल्सीफेरम के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। हालांकि प्रदेश के आंकड़ों के हिसाब से मलेरिया के मामले पिछले तीन साल से घट रहे है। हर साल 'विश्व मलेरिया दिवस' 25 अप्रैल को मनाया जाता है। वर्ष-2019 की थीम 'मलेरिया को खत्म करने के लिए सभी व्यक्तियों को अपने स्तर पर प्रयास करने चाहिए और इसकी शुरुआत वो अपने से करें। यानी पहले अपने आसपास इस बीमारी के खतरे को कम करके आगे बढ़े रखी है। इधर, मलेरिया सेे मुक्ति पाने के लिए 2030 तक लक्ष्य रखा है। एसएमएस अस्पताल के डॉ.अजीत सिंह व डॉ.पुनीत सक्सेना के अनुसार यूनिवर्सल डोनर ओ पॉजिटिव ग्रुप वाले मलेरिया से सुरक्षित है। राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान ने विभिन्न ब्लड ग्रुप पर मलेरिया के प्लाज्मोडियम का असर देखने पर शोध में सामने आया है। शोध में ए, बी व एबी पॉजिटिव की अपेक्षा ओ पॉजिटिव ग्रुप के लोगों पर मलेरिया के प्लाज्मोडियम का असर अपेक्षाकृत कम देखा गया है। डॉक्टरों के अनुसार वाइवेक्स की तुलना में प्लाजमोडियम फेल्सीफेरम ज्यादा खतरनाक है। बारिश से पहले से ही सभी जिलों के सीएमएचओ, डिप्टी सीएमएचओ को अलर्ट कर दिया है। इसके अलावा फोगिंग, साफ-सफाई व मच्छर के लार्वा मिलने पर चालान काटने के निर्देश दिए है।