आईसोईकॉन-2018 में जुटेंगे देश-विदेश के ओरल इम्प्लान्टोलॉजिस्ट

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जयपुर
इण्डियन सोसायटी ऑफ ओरल इम्प्लान्टोलॉजिस्ट्स की 25वीं एनुअल कॉन्फ्रेंस ''आईओईकॉन-2018" जेएलएन मार्ग स्थित होटल क्लाक्र्स आमेर में आयोजित की जा रही है। 28 सितम्बर 2018 को दोपहर 1.15 बजे राजस्थान सरकार के चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ इस तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करेंगे। समारोह के विशिष्ट अतिथि राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के उप-कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार होंगे। इस अवसर पर राजस्थान स्टेट डेंटल कौंसिल के अध्यक्ष डॉ. विकास जेफ और इटरनल हॉस्पिटल की मैनेजिंग डायरेक्टर मंजू शर्मा स्पेशल गेस्ट होंगी। गुरूवार को हुई प्रेस वार्ता में ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ. संकल्प मित्तल व अध्यक्ष डॉ. सतीश भारद्वाज ने यह जानकारी दी। आईसोईकॉन-2018 के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ. संकल्प मित्तल ने बताया कि इण्डियन सोसायटी ऑफ ओरल इम्प्लान्टोलॉजिस्ट्स, जो कि भारत के इम्प्लांटलॉजिस्ट की सबसे बड़ी संस्था है, के 25 साल पूरे होने पर यह कॉन्फ्रेंस जयपुर में रखी गई है, जिसमें देश-विदेश से दन्त चिकित्सक शामिल हो रहे हैं। इसमें ओरल इम्प्लांन्टेशन पर 72 साइंटिफिक लेक्चर होंगे, वहीं 6 से अधिक पैनल डिस्कशन एवं 10 कार्यशाला होगीं। कॉन्फ्रेंस में इम्प्लान्ट एस्थेटिक विद् कम्पोजिट पर सिम्पोजियम भी होगा। इसके अलावा बेसिक टू एडवान्स कवर करते हुए 16 अन्य साइंटिफिक सेशन्स होंगे। कॉन्फ्रेंस में प्रमुख तौर पर अमेरिका से आए रोड्रिगो निवेआ बोन ग्राफ्टिंग पर पूरे दिन की कार्यशाला करेंगे एवं मलेशिया से आए डॉ. नसीर शेडमैन का मास्टर सेशन होगा, जिसमें वे नेचुरल इम्प्लान्ट एस्थेटिक एण्ड सिम्प्लीफाइड कलर कॉन्सेप्ट्स पर जानकारी साझा करने के साथ ही डेमो भी देंगे। आईसोईकॉन-2018 के संयोजक डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. गौरव, डॉ. धवल एवं डॉ. मनोज के अनुसार कॉन्फ्रेंस के विभिन्न सत्रों में 50 सालों की दन्त चिकित्सा के विकास पर चर्चा के साथ ही प्रोस्थेटिक ड्रिवन इम्प्लान्टोलॉजी, डिजिटल इम्प्लान्टोलॉजी, रिज स्पिलिट टेक्नीक्स, साइनस लिफ्ट एण्ड एडवान्स सर्जिकल प्रोसीजर्स इन इम्प्लान्टोलॉजी, ट्रीटमेन्ट स्टेऊेटेजीज फॉर सॉफ्ट एण्ड हार्ड टिश्यू मैनेजमेंट, एडवान्स बोन ग्राफ्टिंग प्रोटोकॉल्स आदि विषयों पर भी विषेषज्ञ चिकित्सक जानकारियों का आदान-प्रदान करेंगे। 30 सितम्बर को सायंकाल 4 बजे ओरल इम्प्लीमेंटेशन की बौद्धिक जानकारी का परीक्षण करने के लिए प्रष्नोत्तरी सत्र ''हू वान्ट टू बी-द इम्प्लान्टोलॉजिस्ट" भी होगा।