'आखर’ श्रृंखला में राजस्थानी साहित्यकार पं. लोकनारायण शर्मा करेगें संवाद

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जयपुर
प्रभा खेतान फाउण्डेशन द्वारा ग्रासरूट मीडिया फाउण्डेशन के सहयोग से राजस्थानी साहित्य, कला व संस्कृति से रूबरू कराने के उद्देश्य से ’आखर’ श्रृंखला में शनिवार, 9 फरवरी को राजस्थानी भाषा के साहित्यकार पण्डित लोकनारायण शर्मा से उनके साहित्यिक सफरनामे पर चर्चा की जायेगी। श्री सीमेंट द्वारा समर्थित इस कार्यक्रम का आयोजन होटल आईटीसी राजपुताना में किया जायेगा। इससे पूर्व आखर कार्यक्रम में प्रतिष्ठित राजस्थानी साहित्यकारों डॉ. आईदान सिंह भाटी, डॉ. अरविंद सिंह आशिया, रामस्वरूप किसान, अंबिका दत्त, कमला कमलेश और भंवर सिंह सामौर, डॉ. ज्योतिपुंज, डॉ. शारदा कृष्ण, डॉ. जे़बा रशीद, देवकिशन राजपुरोहित, मोहन आलोक मधु आचार्य, जितेन्द्र निर्मोही, डॉ मंगत बादल, दिनेश पंचाल तथा मनोहर सिंह राठौड़ के साथ चर्चा की जा चुकी हैं।

साहित्यकार पं. लोकनारायण शर्मा:
पं. लोकनारायण शर्मा का जन्म 12 जनवरी 1946 को ग्राम सकतपुर, जिला बांरा, राजस्थान में हुआ। इन्होंने विठ्ठलनाथ महाविद्यालय, कोटा से वरिष्ठ उपाध्याय की डिग्री प्राप्त की। आपकी हिन्दी व राजस्थानी की सभी विधाओं में अनेकों पुस्तकें प्रकाशित हुई है। पं. लोकनारायण शर्मा ने राजस्थानी भाषा में अब तो पीऊं उजाळो (काव्य संग्रह), अमरफळ भर्तृहरि श्रृंगार शतक का राजस्थानी पद्यानुवाद (पाथ 1,2 व 3), राज करै छै सोभाग (उपन्यास), हळद हाथ (कहानी संग्रह), बेकरड़ी का दाणा (काव्य संग्रह) तथा हिन्दी भाषा में अक्षय (उपन्यास), गीतावली (गीत संग्रह) कृतियां लिखी है। पं. लोकनारायण शर्मा को क्षेत्रीय, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर कई संस्थाओं द्वारा साहित्यिक योगदान के लिए पुरस्कृत व सम्मानित किया गया है। जिनमें से पं. लोकनारायण जी को राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बीकानेर संस्था द्वारा बावजी चतर सिंह राजस्थानी भाषा (अनुवाद) के लिए पुरस्कृत व सम्मानित किया गया। सृजन साहित्य संस्कृति समिति कोटा, भारतेंदु समिति कोटा, भर्तृहरि सेवा दल द्वारा उज्जैन में सम्मानित, सारंग साहित्य समिति कोटा, डाक सेवा समिति रामगंजमंडी, साहित्य समिति झालावाड़, आर्यवर्त साहित्य समिति कोटा, स्व. लक्ष्मीनारायण माल राजस्थानी भाषा पुरस्कार एंव सम्मान टांकरवाड़ा, कोटा एवं समाजसेवी घनश्याम बंसल स्मृति सम्मान बांरा द्वारा पुरस्कृत व सम्मानित किया जा चुका है।