राजे को पायलट ने दिए कई उपनाम... 'देवी' और 'रानी सा' कह कर किया संबोधित...!

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जयपुर
शीर्षक पढ़ कर शायद आपको हैरानी हो रही होगी कि चिर प्रतिद्वंद्वी होने के बावजूद प्रदेश की सीएम वसुंधरा राजे के लिए पीसीसी चीफ सचिन पायलट इन शब्दों का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं, लेकिन हम आपको बता दें कि ये शब्द तारीफ नहीं तंज है। सचिन पायलट ने रविवार को अपने दूसरे ट्वीट में सूबे की मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। पायलट ने ट्वीट कर लिखा, बीकानेर में सफाई कर्मचारी वेतन के लिए निगम के चक्कर काट कर थक चुके हैं। नवनियुक्त सफाई कर्मचारियों को आज तक मेहनताना ही नहीं मिला। शायद सरकार रूपी 'देवी' को प्रदर्शन की आरती के बगैर कुछ दिखाई नहीं देता है। निगम में कर्मचारियों के करोड़ों रूपये रुका हुए हैं, 'रानी सा' प्रचार में व्यस्त हैं। बीकानेर में सफाई कर्मचारी वेतन के लिए निगम के चक्कर काट कर थक चुके है। नवनियुक्त सफाई कर्मचारियों को आज तक मेहनताना ही नही मिला। शायद सरकार रूपी देवी को प्रदर्शन की आरती के बगैर कुछ दिखाई नही देता है। निगम में कर्मचारियों का करोड़ो रूपये रुका हुआ है,रानी सा प्रचार में व्यस्त हैं। जाहिर है प्रदेश में राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 अब काफी नजदीक हैं और जैसे जैसे दिन बीत रहे हैं, वैसे वैसे सभी पार्टियों के आलाकमानों का आरोप प्रत्यारोप का दौर भी तेज होता जा रहा है। प्रदेश की दो प्रमुख बड़ी पार्टियों के बीच तो आए दिन सवाल जवाब के दौर के साथ ही सोशल मीडिया वॉर भी चर्चा में है। आपको बताते चलें कि रविवार को पायलट ने दो ट्वीट किए। पहला तो आपने पढ़ ही लिया। दूसरे में सचिन ने लिखा—
न राजस्थान पाप की नगरी है,
न ही बीजेपी अंगद का पैर है।
ये रावण की लंका नहीं, राजस्थान संत और महात्माओं की धरती है। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती, बाबा रामदेवरा की पुण्य धरती पर अब धर्म के नाम पर नहीं कर्म के नाम पर राजनीति होगी। प्रदेश में सरकार की नाकामी का जवाब जनता देगी। ये पलटवार था उस वक्तव्य का जो बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने जयपुर रैली के दौरान कहा था। शाह ने कहा था कि राजस्थान के अंदर भारतीय जनता पार्टी की सरकार अंगद का पांव है, उसे कोई उखाड़ नहीं सकता। राजस्थान की धरती वीरों की भूमि है, यहां का कार्यकर्ता समर्पित होकर काम करता है।