भारतीय विद्या भवन विद्याश्रम प्रतापनगर में दिशा मंगल की पुस्तक का विमोचन

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जयपुर
भारतीय विद्या भवन विद्याश्रम प्रताप नगर जयपुर के ज्ञानांचल में पलने वाले नन्हें हाथों ने लेखनी थाम ली और अब वे कागज पर साकार कल्पनाएं प्रस्तुत करने में सिद्धहस्त हो चुके हैं। वो हाथ जिन्हें कभी सीढिय़ां चढऩे के लिए सहारे की आवश्यकता थी, आज कल्पना व यथार्थ के पंखों से पूरी तरह उड़ान भरने में सक्षम हैं। हम बात कर रहे हैं दिशा मंगल की जिसने अपनी प्रतिभा से 14 वर्ष की उम्र में ही उपन्यास के क्षेत्र में अपनी जगह बना ली है और अपनी द्वितीय रचना अल्टिमेट मिशचीफ डेस्टिनेशन के द्वारा अपने विद्यालय का मान और बढ़ा दिया। उसी प्रतिभा को उचित सम्मान देने के लिए विद्यालय में 11 अक्टूबर को पुस्तक विमोचन समारोह रखा गया जिसमें इस उभरती लेखिका ने अपने उपन्यास के कुछ रोचक तथ्यों को साझा किया कि कैसे एक छात्र के लिए उसके विद्यालय का एक दिन दुनिया भर के अनुभवों से भरा होता है जिसमें विद्यार्थी एक दिन में दुनिया के सारे रंग देख लेता है, साथ ही अपने पहले उपन्यास व अपने ब्लॉग 'थिंकिंग थू्र मॉय फिंगर्स 2002' के विषय में भी कुछ सामान्य चर्चाएं की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैप्टन बी.सी. कुमावत, निदेशक - भारतीय विद्या भवन जयपुर केन्द्र ने इस चुलबुली युवा लेखिका के प्रयास को सराहा व अपने सपनों को पूर्ण करने का जज्बा हमेशा मन में बनाए रखने की सलाह दी। अंत में प्राचार्य दीपक दुआ ने विद्यालय की इस उत्कृष्ट छात्र-लेखिका के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।