व्यंग्यकार अन्याय. शोषण और भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक पहरुए की भूमिका निभाता है : आफरीदी

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जयपुर
जयपुर पीस फाउण्डेशन के तत्वावधान में रविवार को साहित्य सप्तक समारोह में व्यंग्य साहित्य में अमूल्य अवदान के लिए सारस्वत सम्मान प्रदान किया गया। फाउण्डेशन के अध्यक्ष डॉ. नरेश दाधीच ने शाल ओढ़ाकर तथा समारोह के संयोजक राजेन्द्र मोहन शर्मा, कृष्ण कल्पित, डॉ अतुल चतुर्वेदी और प्रदीप सैनी ने सारस्वत सम्मान पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर आफरीदी को सम्मानित किया। व्यंग्य साहित्य के महत्व की चर्चा करते हुए प्रतिष्ठित व्यंग्यकार फारूक आफरीदी ने कहा कि व्यंग्यकार समाज में नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना और विसंगतियां दूर करने की लड़ाई लड़ता है। वह अन्याय. शोषण और भ्रष्टाचार  के विरुद्ध एक पहरुए की भांति खड़ा होता है। इस प्रकार वह एक एक्टिविस्ट की भूमिका निभाता है। आफरीदी ने इस मौके पर अपनी व्यंग्य रचना भी पढ़़ी।
प्रतिष्ठित व्यंग्यकार डॉ अतुल चतुर्वेदी ने कहा कि व्यंग्यकार साहस के साथ समाज और राजनीति में फैली गन्दगी की सफाई का काम करना पड़ता है। व्यंग्य के जरिए वह लोक जागरण का काम भी करता है। आज व्यंग्यकार के सामने अनेक चुनौतियां मौजूद हैं और अनेक नए-नए विषय हैं। व्यंग्य सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। डॉ. अजय अनुरागी और रमेश खत्री ने भी व्यंग्य की स्थिति और वर्तमान चुनौतियों की चर्चा की। ईश मधु तलवार ने सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार पद्मश्री ज्ञान चतुर्वेदी के व्यंग्य संग्रह 'पागलखाना' की समीक्षा करते हुए बताया कि बाजारवाद किस तरह समाज को लील रहा है। इससे पूर्व हास्य व्यंग्य के जाने माने कवि संपत सरल ने अपनी व्यंग्य कथाओं का पाठ किया। प्रारंभ में कृष्ण कल्पित ने आफरीदी के व्यंग्य लेखन पर प्रकाश डाला। समारोह में पद्मश्री शाकिर अली समेत बड़ी संख्या में साहित्यकार और विभिन्न महाविद्यालयों- विश्वविद्यालयों के शोधार्थी तथा साहित्य के छात्र मौजूद थे। समारोह के संयोजक राजेन्द्र मोहन शर्मा ने आभार जताया।