कौशल विकास के विविध पहलुओं में होगा नवाचारों का समावेश : नवीन जैन

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जयपुर
सभी सेक्टर्स के स्किल काउंसिल्स की एक मीटिंग मंगलवार को राजस्थान कौशल और आजीविका विकास निगम (आरएसएलडीसी) द्वारा संस्थान के परिसर में आयोजित की गई। इस मीटिंग को राजस्थान सरकार के कौशल रोजगार और उद्यमिता विभाग (डीएसईई ) के सचिव और आरएसएलडीसी के चैयरमैन नवीन जैन ने संबोधित किया। उन्होनें इस दौरान विभाग द्वारा भविष्य में अधिक से अधिक नवाचारों को अपनाने का आग्रह किया। राजस्थान सरकार के डीएसईई विभाग के सचिव और आरएसएलडीसी चैयरमैन नवीन जैन ने कहा, ''आरएसएलडीसी सभी कौशल विकास एजेंसियों के लिए एक नोडल एजेंसी है, यह सक्रिय रूप से सेक्टर स्किल काउंसिल से संबंधित है। आज इस मीटिंग के लिए 25 सेक्टर स्किल काउंसिलों (एसएससी) को आमंत्रित किया गया था। इस मीटिंग का उद्देश्य कौशल विकास के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करना था जैसे कि, प्रशिक्षण के गुणों में सुधार, प्रमाणीकरण की प्रक्रिया में तेजी और मूल्यांकन में प्रशिक्षित युवाओं को सक्षम बनाना, मीटिंग के दौरान नए जमाने की तकनीक और इसके परिणामस्वरूप स्किलिंग इको सिस्टम में आवश्यक बदलाव जैसे विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जैन ने कहा, उद्योग जगत की मांगों और उनकी कौशल संबंधी जरूरतों के बीच के रिक्त स्थान की पूर्ति में सेक्टर स्किल काउंसिल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, एनएसडीसी के अंतर्गत उद्योगों के नेतृत्व वाली संस्थाओं द्वारा इन सेंटर स्किल काउंसिल्स को स्वायत्त संगठन के रूप में स्थापित किया है। इसी कारण आरएसएलडीसी, इन सेक्टर स्किल काउंसिल्स के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस मीटिंग के दौरान राज्य में मूल्यांकन और प्रमाणिकता के मापदंड में एकरूपता स्थापित करने और राज्य में मास्टर टेनर्स का पूल तैयार करने के उददेश्य के संबंध में सेक्टर स्किल काउंसिल के द्वारा ट्रेनिंग और टेऊनर्स कार्यक्रम को आयोजित करने को लेकर भी चर्चा की गई, साथ ही इन विषयों के संदर्भ में सेक्टर स्किल काउंसिल्स से सुझाव भी आमंत्रित किये गये, इसके अतिरिक्त बैठक के अन्य संबंधित विषयों जैसे स्किल्ड टेनर्स के प्लेसमेंट सुविधा, राज्य में नेशनल एप्रेंटीशिप प्रमोशन स्कीम की गतिविधियों के प्रचार-प्रसार और वित्तीय वर्ष 2019-20 में राज्य में इससे संबंधित योजनाओं पर चर्चा की गई। मीटिंग में रोजगार विकास द्वारा आयोजित किये जाने जॉब फेयर्स को समर्थन के विविधि आयामों पर भी चर्चा की गई। श्री नवीन जैन ने कहा, वर्तमान में राजस्थान में 24 काउंसलिंग सेंटर और 450 कौशल विकास केंद्र कार्यरत हैं। बच्चों के बेहतर भविष्य को देखते हुये सभी सेंटरों पर बच्चों की उपस्थिती को नजर में रखने के लिए बायोमेटि़क मशीन की व्यवस्था की गई है, बायोमेटि़क मशीन की इन सेंटरों की संपूर्ण पारदर्शिता रखी जाती है। आगे बताते हुये उन्होंने कहा कि राज्य में निर्माण और विकास के चलते रिटेल सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं बढी हैं और इसी के चलते राज्य में बड़ी संख्या में रिटेल स्टोर खोले जा रहे है तथा प्रतिदिन इनकी संख्या में इजाफा हो रहा है।