हजारों साल पुराने शैल और जीवाष्म और खनिजों को देख कर रोमांचित हुए विद्यार्थी

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जयपुर
भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण जयपुर की ओऱ से खनिजों, शैलों, जीवाष्मों और विभागीय गतिविधियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन सोमवार को जवाहर कला केन्द्र, जयपुर में पत्र सूचना कार्यालय की अपर महानिदेशक डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौड़ तथा भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के अपर महानिदेशक बृज कुमार ने किया। प्रदर्शनी के उद्घाटन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अपर महानिदेशक डा. प्रज्ञा पालीवाल गौड़ ने कहा कि यह प्रदर्शनी भू-विज्ञान के विद्यार्थियों के साथ-साथ सभी के लिए महत्वपूर्ण है। इस प्रदर्शनी में राजस्थान के साथ-साथ देश में पृथ्वी की उत्पति के संसाधनों की जानकारी के साथ खनिज संपदाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाई गई है। पृथ्वी से खनिज संपदाओं को निकालने के उपकरणों का भी प्रदर्शन किया गया है। इस प्रदशनी को अधिक से अधिक लोग देख सके जिससे भू-गर्भ से निकले संसाधनों के साथ भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण की गतिविधियों की अधिक से अधिक जानकारी मिल सके। इस अवसर पर भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के अपर महानिदेशक बृज कुमार ने कहा कि प्रदर्शनी द्वारा भूविज्ञान, भौतिकी, रसायन शास्त्र के विद्यार्थियों व आम जन के लिए वैज्ञानिक चर्चा के लिए महत्वपूर्ण है। इससे विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों के साथ-साथ विभिन्न उपकरणों की जानकारियों को विस्तार से जानने का मौका मिलेगा। इस प्रकार की प्रदर्शनी का आगे ग्रामीण क्षेत्रों में भी आयोजन किया जाएगा, जिससे सभी को भू-गर्भ से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी। इस प्रदर्शनी में राजस्थान में मिलने वाले खनिजों, शैलों व पश्चिमी क्षेत्र में विभिन्न भू-वैज्ञानिक युगों में पाये जाने वाले जीवाश्म भी प्रदर्षित किये गये है। भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण, भूकंप भूविज्ञान, भू-भौतिकी सर्वेक्शण में उपयोग किये जाने वाले विभिन्न वैज्ञानिक उपकरण व विभाग की महत्वपूर्ण गतिविधियों को प्रदर्षित किया गया है। रिमोट सेंसिंग की तकनीक व उपयोग में की जाने वाली हवाई तस्वीरों को देखकर व थ्री डी व्यू को महसूस किया जा सकता है। रसायन प्रभाग द्वारा स्पॉट जल परीक्षण यंत्र को भी प्रदर्षित किया गया है।