सुजानगढ महोत्सव में छाए बॉलीवुड के रंग

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राजस्थान की संस्कृति यहां की वेशभूषा ही नहीं लोक संगीत और जीवन में दिखाई देती है। हमारी इसी बहुरंगी संस्कृति को मंच देने के लिए दो दिवसीय सुजानगढ महोत्सव का आयोजित किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में राजस्थान की विविधता, संगीत, कला और रंगों की सांस्कृतिक जुगलबंदी पर एक वीणा कैसेट के संस्थापक और सुजानगढ नागरिक परिषद समिति के अध्यक्ष के सी मालू निर्देशित एक लघु फिल्म प्रस्तुत की गई। खास बात यह रही कि इस समारोह में बालीवुड में अपनी पहचान कायम कर चुके ख्यातनाम गीतकार, संगीतकार ही नही सुजानगढ के दर्जनों अप्रवासियो ने भी शिरकत की। शुक्रवार को सुजानगढ महोत्सव की शुरूआत करते हुए सुजानगढ नागरिक परिषद समिति के अध्यक्ष के सी मालू ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान स्किल डेवलपमेंट विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ ललित के पंवार की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे आज भी दिल से कलाकार हैं। उन्होंने आपणो सुजानगढ की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि हम में से कई लोग प्रवासी हो गए और आपसी पहचान भूल गए हैं और आज 50 साल बाद एक दूसरे को पहचानने व जानने की कवायद कर रहे हैं। सुजानगढ को स्वतंत्रता संग्राम में सहभागिता, दुनियां में नाम कमाने सहित संस्कृति की जो पहचान दी है उसे इस मंच के जरिए याद करने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि आज सुजानगढ के कलाकार बॉलीवुड में धूम मचा रहे हैं और उनकी कई पीढ़ियों ने संगीत, लेखन, कला और साज सहित अपनी आवाज से एक पहचान बनाई है और यह महोत्सव उनसे रूबरू होने की पहली पहल है जिसे हम परंपरा या प्रथा बनाना चाहते हैं। इस मौके पर पूर्व मंत्री एवं विधायक खेमाराम मेघवाल, चूरू के सांसद राजेंद्र कस्बा, पूर्व मंत्री मास्टर भंवरलाल, गोपालपुरा सरपंच सविता राठी, सुजानगढ क्षेत्रीय नागरिक समिति के महामंत्री भागीरथ चांडक और सुजानगढ क्षेत्रीय नागरिक समिति के संयोजक राजेंद्र दाधीच आदि मंच पर मौजूद थे। समारोह के दौरान सुजानगढ क्षेत्रीय नागरिक समिति के महामंत्री भागीरथ चांडक ने कहा कि समिति की विकास यात्रा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सुजानगढ के लोग पूरी दुनियां में फैल गए लेकिन बिखरना एक चुनौती बन गई है लिहाजा लोगों को जोड़ने संपर्क कायम करने के लिए के सी मालू जी के सहयोग से मुहिम चलाई गई और सुजानगढ महोत्सव की परिकल्पना की गई। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मुलाकात से दूरियां कम होगी और हम किसी भी विपत्ति में भी अपने सुजानगढ के लोगों को मजबूत कर पाएंगे साथ ही सुजानगढ की प्रतिष्ठा को एक सूत्र में पिरोकर संगठित होने का मार्ग प्रषस्त कर सकते हैं। इस मौके पर देष के स्वतंत्रता संग्राम में अपनी महत्ती भूमिका का निर्वाह करने वाले स्वर्गीय बनवारी लाल बेदी, स्वर्गीय गिरीष चंद्र मिश्र, स्वर्गीय फूलचंद जैन और हीरालाल शर्मा जी के अप्रतिम योगदान को याद किया गया और उनके परिवार के सदस्यों ने सम्मान प्राप्त किया। साथ ही पद्मश्री हनुमान बक्स कंदोई और पद्मश्री कन्हैया लाल सेठिया के योगदान और उपलब्धि को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बगडिया परिवार, सागर मल जाजोदिया परिवार, चिमनीराम जाजोदिया परिवार, सत्यनारायण खेतान और सेठिया परिवार को उनके अविस्मरणीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया व दामोदर लाल मूंदडा और शुभकरण दसानी के  परिवार को भी स्मृति चिन्ह देकर प्रतिष्ठित किया गया। 

बॉलीवुड में सुजानगढ की धाक को सलाम

सुजानगढ महोत्सव के दौरान खास तौर पर बॉलीवुड में निर्णायक भूमिका निभाने वाले सुजानगढ के परिवारों की साधना को भी मंच देते हुए उनका परिचय दिया गया और खास अंदाज में उनका सम्मान किया गया। मौके पर वीणा कैसेट के संस्थापक और सुजानगढ नागरिक परिषद समिति के अध्यक्ष के सी मालू ने उनकी जीवन यात्रा पर प्रकाश डाला। फिल्मी संगीत में अपनी साज और आवाज के लिए जमाल सेन, दिलीप सेन, समीर सेन और सोहेल सेन, वहीं नामचीन गीतकारों को सुर साधना के हुनर सिखाने वाले लक्ष्मणप्रसाद जयपुरवाले, निर्देशन के क्षेत्र में गौरीशंकर जी, कव्वाली में गायकों की पहली जोड़ी शंकर जी और शंभु जी कव्वाल सहित रोजा फिल्म के गीत छोटी सी आशा...... से चर्चा में आए पी के मिश्रा जी जैसी विभूतियों को कला पुरोधा सम्मान से नवाजा गया। इस मौके पर कला, साहित्य, शिक्षा, तकनीक, समाज सेवा और देश सेवा जैसे योगदान में सुजानगढ के प्रमुख व्यक्तियों और उनके परिवारों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर सुजानगढ क्षेत्रीय नागरिक समिति के सभापति सिकंदर अली खिलजी सहित विजय सिह डोसी के समारोह आयोजन में योगदान को सराहा गया। महोत्सव के तुरंत बाद समारोह व समिति आयोजकों ने नाथो तालाब के तट पर मनमोहक आतिशबाजी के साथ रावण दहन महोत्सव आयोजित किया। बुराई पर अच्छाई की जीत के इस पर्व में सुजानगढ की आम जनता ने भी उत्साह से भाग लिया।