विवाद से परेशान नहीं हैं 'ये है इंडिया' के निर्माता

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जयपुर
राजस्थान में पैदा हुए लेखक-निर्देशक हर्ष लोम ने कहा है कि उनकी आने वाली फिल्म 'ये है इंडिया' के कुछ संवादों को लेकर एक अनावश्यक विवाद पैदा कर दिया गया है, लेकिन वह इसे लेकर परेशान नहीं हैं। ऑस्ट्रेलिया में रहने के बाद हाल ही में भारत वापस आए लोम ने कहा, ''मैं भारत से प्यार करता हूं और मेरे राष्ट्र द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ खड़ा हूं। उन्होंने कहा कि किसी भी फिल्म पर निर्णय उसे देखने के बाद ही लिया जाना चाहिए ना कि उसके कुछ संवादों के आधार पर ऐसा करना चाहिए। लोम ने ऐसा तब कहा जब एक यूट्यूब वीडियो को लेकर उनसे सवाल किया गया। इस वीडियो में एक पाकिस्तानी महिला को फिल्म के ट्रेलर के कुछ संवादों की निंदा करते हुए दिखाया गया है। इनमें से एक संवाद है : लेकिन, हमें सिर्फ यह कहना है कि वाकई में अगर कानून और व्यवस्था सबके लिए एक समान नहीं है तो बना दीजिए एक नया पाकिस्तान। इसे लेकर चिंता जताने वाली महिला ने अपनी पहचान एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में की है और उसने अपना नाम सबा सिकंदर बताया है। यूट्यूब वीडियो में महिला ने कहा, ''एकबार फिर से बॉलीवुड ने राष्ट्र को विभाजित करने की मांग की है और इसने हमारे राष्ट्र को अनादर करने की कोशिश उसी तरह से की है जैसा कि वह सालों से करता आ रहा है....पाकिस्तान को इस फिल्म पर आपत्ति है। लोम ने इसके जवाब में कहा, एक लेखक के रूप में, मुझे अपने विचारों को सर्वोत्तम तरीके से आगे रखने की स्वतंत्रता है और लोगों को पहले फिल्म देखनी चाहिए और फिर दृष्टिकोण बनाना चाहिए। उनकी फिल्म 'ये है इंडिया' को सैन फ्रांसिस्को में फेस्टिवल ऑफ ग्लोब फिल्म फेस्टिवल में दिखाया गया है और लोम ने कहा कि वहां फिल्म की सराहना की गई है। लोम पिछले कुछ सालों के लिए ऑस्ट्रेलिया में बस गए थे, लेकिन हाल ही में वह अपनी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता को त्याग कर भारत वापस आ गए हैं। लोम को दिल्ली में यूनिवर्सल पीस फेडरेशन द्वारा यूथ एम्बेसडर फॉर पीस अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। लोम का कहना है, ''मैंने यह सोचकर ऑस्ट्रेलिया छोड़ा कि मैं अपनी पूरी जिंदगी किसी ऐसे देश को क्यों दूं जहां पर मैं पैदा तक नहीं हुआ हूं। लोम 'चिकन बिरयानी' और 'चिकन बिरयानी 2' भी बना चुके हैं।