भारतीय रेलवे में इंस्डट्री के लिए बिजनेस की अपार संभावनायें है: टी.पी सिंह

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जयपुर
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री और नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के सहयोग से आज 'बिजनेस अपॉच्र्युनिटी विद् इंडियन रेलवेज़' पर बिजनेस अवसरों पर सेशन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में रेलवे से जुड़े डिफरेंट बिजनेस आइडियाज और कारोबारी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एनडब्ल्यूआर के जनरल मैनेजर टी.पी. सिंह थे। सैशन के दौरान बताया गया कि नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के साथ आने वाले 1.5 से 2 साल में लगभग 2000 करोड़ रूपये की बिजनेस अपॉच्र्युनिटी है। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के जनरल मैनेजर टी.पी. सिंह ने सैशन को संबोधित करते हुये कहा कि रेलवेज भारत में सभी इंडस्ट्रीज की रीढ़ की हड्डी है। सीआईआई राजस्थान के चैयरमेन अनिल साबु ने कहा कि यह कार्यक्रम इंडस्ट्री और रेलवे के बीच एक लिंक स्थापति करने जा रहा है। 
सीआईआई राजस्थान के डायरेक्टर व हैड नितिन गुप्ता ने कहा कि सीआईआई और नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एक म्युचुअल प्लेटफॉर्म बनायेगें जोकि उद्योगों को रेलवे में बिजनेस अपॉच्र्युनिटी के बारें में जागरूकता व जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ वेन्डर रंजीस्ट्रेशन प्रक्रिया के बारें में भी बतायेगा। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के चीफ इंजीनियर राजेश मिश्रा ने रेलवे में सड़क, पुल, भवन, सदन इत्यादि पर प्रेजेटेंशन के द्वारा बताया कि किस तरह रेलवे में इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित बिजनेस में अवसरों की संभावनायें बढ़ गई है। वहीं डिप्टी चीफ इंजीनियर नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के जीआर कुमावत ने तारों, केबल्स, ट्रांसफार्मर, स्विच जैसे विभिन्न 'व्यावसायिक उत्पादों पर बिजनेस अवसर' के बारे में बताया। बियरिंग्स, लकड़ी, स्टील, जल टैंक, खाद्य उत्पाद, सीमेंट, खनिज जल, डेयरी उत्पाद, पत्थर, सीमेंट, लाइट इंजीनियरिंग सामान, ट्रांसफार्मर, स्विच जैसे विभिन्न "व्यावसायिक उत्पादों पर बिजनेस अवसर" के बारे में बताया। सैशन के दौरान लगभग 120 के करीब प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया तथा सीआईआई के वाइस चैयरमेन आंनद मिश्रा ने सवालों-जवाबों से कार्यक्रम को खत्म किया। सन् 1853 में भारत में रेलवे की शुरूआत के बाद से ही कभी रूकावट नहीं आयी है तथा इसी के साथ ही सभी उद्योग भी निरंतर आगे बढ़ते रहे है। भारतीय रेलवे में इंस्डट्री के लिए बिजनेस की अपार संभावनायें है। रेलवे की वार्षिक ईंधन खरीद लागत 1100 करोड़ रूपये है, उन्होने समझाया कि रेलवे परिवहन का सबसे बड़ा फ्युल एफिसियंट माध्यम है क्योंकि यह परिवहन का एकमात्र संसाधन है जो कार्बन प्रिंट को कम करता है। आगे बताते हुये उन्होने कहा कि रेलवे अन्य सरकारी क्षेत्रों के मुकाबले सबसे अच्छा वेतन प्रदान करने में सक्षम है तथा ई-प्रोक्युर्मन्ट की शुरूआत के साथ ही खरीद प्रक्रिया को भी आसान तथा पारदर्शी बना दिया गया है। भारतीय रेलवेज़ प्रतिदिन लगभग 23 मिलियन यात्रियों को सफर करवाता है जोकि आस्ट्रेलिया की जनसंख्या के बराबर है। उन्होने बताया कि नॉर्थ वेस्टर्न रेलवेज को लगभग 50 करोड़ रूपये सीएसआर प्रोजेक्ट के लिये मिले है।
सीआईआई राजस्थान के चैयरमेन अनिल साबु ने कहा कि यह कार्यक्रम इंडस्ट्री और रेलवे के बीच एक लिंक स्थापति करने जा रहा है। सीआईआई इस लिंक को ओर मजबूत बनाने में एक सक्रिय भूमिका निभायेगा। टी.पी सिंह ने भारतीय रेलवे में बिजनेस अवसरों के बारें में बताया कि रेलवे में सीएसआर प्रोजेक्ट में इन्फ्रास्ट्रक्चर, सिविल इंजीनियर, कंस्ट्रेक्शन, सिग्नलिंग, मैटेरियल, स्टोर डिपार्टमेंट आदि शामिल है। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे बिजनेस की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुये इंडस्ट्री को आंमत्रित करती है। रेलवे स्टेशनों पर वॉटर सिस्टम्स, सोलर प्रोजेक्ट, बॉयो-टॉयलेट इत्यादि के लिए रेलवे के पास इंडस्ट्री को बिजनेस मुहैया कराने के काफी विकल्प मौजुद है। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के डिप्टी चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर-टीआरडी, एसएस मंगल ने नॉर्थ वेस्टर्न रेलवेज में इलेक्ट्रिकल उत्पादों को लेकर इंडस्ट्री में बिजनेस की संभावनाओं के बारें में विस्तार पर जानकारी दी। उन्होने बताया कि रेलवे में स्टील, कॉपर, इन्ट्रुलेशन, फिटिंग्स व इलेक्ट्रिक उपकरणों इत्यादि में इंडस्ट्री के पास अपने बिजनेस को बढ़ाने के अवसर उपलब्ध है। रेलवे के दूसरे प्रोजेक्ट जैसे की मीटर गेज़ अब ब्रॉडगेज़ में तब्दील हो रहे है। सिंगल लाईन्स के जगह डब्ल्स लाईन्स या थर्ड लाईन्स डाली जा रही है। राजस्थान में अभी इलेक्ट्रिल उपकरण बनाने वाली मेन्युफेक्चर्स इंडस्ट्री बेहद कम है। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे अभी एक ट्रेक प्रति किलोमीटर बनाने में लगभग 1 करोड़ रूपये लगाता है। सीआईआई राजस्थान के डायरेक्टर व हैड नितिन गुप्ता ने कहा कि सीआईआई और नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एक म्युचुअल प्लेटफॉर्म बनायेगें जोकि उद्योगों को रेलवे में बिजनेस अपॉच्र्युनिटी के बारें में जागरूकता व जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ वेन्डर रंजीस्ट्रेशन प्रक्रिया के बारें में भी बतायेगा। नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के चीफ इंजीनियर राजेश मिश्रा ने रेलवे में सड़क, पुल, भवन, सदन इत्यादि पर प्रेजेटेंशन के द्वारा बताया कि किस तरह रेलवे में इन्फ्रास्ट्रक्चर से संबंधित बिजनेस में अवसरों की संभावनायें बढ़ गई है। वहीं डिप्टी चीफ इंजीनियर नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के जीआर कुमावत ने तारों, केबल्स, बियरिंग्स, लकड़ी, स्टील, जल टैंक, खाद्य उत्पाद, सीमेंट, खनिज जल, डेयरी उत्पाद, पत्थर, सीमेंट, लाइट इंजीनियरिंग सामान, ट्रांसफार्मर, स्विच जैसे विभिन्न "व्यावसायिक उत्पादों पर बिजनेस अवसर" के बारे में बताया। सैशन के दौरान लगभग 120 के करीब प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया तथा सीआईआई के वाइस चैयरमेन आंनद मिश्रा ने सवालों-जवाबों से कार्यक्रम को खत्म किया।