सफाई नहीं होने से बरसाती नाले बने आमजन की मुसीबत

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जयपुर
राजधानी जयपुर में जीका वायरस तेजी से अपने पांव पसारता जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों के बाद अब दूसरे इलाकों में भी जीका वायरस के चपेट में लोग आते जा रहे है। वायरस के लगातार मरीजों के पॉजिटिव पाए जाने से चिकित्सा विभाग की नींद उड़ी पड़ी है। इसके पीछे नगर निगम प्रशासन की भारी लापरवाही आना भी मुख्य कारण बताया जा रहा है। बरसाती दिनों में नालों की सफाई कार्य को लेकर निगम प्रशासन बड़े-बड़े दावे किए थे,लेकिन मॉनिटरिंग के अभाव में अधिकांश जगहों पर नालों-नालियों की सफाई कार्य नहीं हो पाया है, वहीं निगम ने ठेकेदारों को सफाई कार्य किए बिना ही भुगतान तक कर दिया। निगम की यहीं खामी अब आमजन के लिए भारी पड़ती जा रही है। वहीं नगर निगम में सफाई की जिम्मेदारी विनोद पुरोहित को मिलने के बाद भी शहर की हालात दिनों-दिन बदत्तर होते जा रहे है। शहर की स्वच्छता सर्वेक्षण बाद भी सफाई कार्य बेपटरी होता जा रहा है। एक ओर दिवाली का त्यौहार और जीका वायरस के लगातार मामले आने के बाद भी कोई सुधार नहीं हो रहा है। 
 

14 नये पॉजिटिव मरीज मिले
बुधवार को 14 नये पॉजिटिव मरीज पाए गए है। ऐसे में अब तक पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 94 तक पहुंच गया। वहीं राजपूत होस्टल  में रह रहे  84 छात्रों के सेम्पल लेकर जांच करवाई गई और इनमे से 14 छात्र पॉजिटिव पाए गए है। इन सभी को आइसोलेशन में रखकर उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। चिकित्सा विभाग ने दावा किया है कि 94 पॉजिटिव खतरे से बाहर है। तीन चौथाई व्यक्तियों में अब लक्षण नहीं है और वे रिकवर हो चुके है। वहीं अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वीनू गुप्ता ने बुधवार शहर में जीका की स्थिति और रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों कीे समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बताया कि  शहर में  गत 3 सप्ताह में शास्त्रीनगर साहित प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग, सर्वे व एंटीलारवा कार्यवाही की जा रही है। लगभग 330 टीमो द्वारा घर-घर जाकर सर्वे करने के साथ ही एन्टीलार्वा कार्यवाही की गई है। अब तक 1 लाख से अधिक घरों का सर्वेक्षण कर ढाई लाख से अधिक कंटेनर्स में की एन्टीलार्वा कार्यवाही की गई है। बुखार पीडि़तों व गर्भवती महिलाओं की चिकित्सकीय सलाह पर सैंपल लेकर जांच करवाई जा रही है। वहीं केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीमों भी शहर का लागतार  दौरा कर रही है। पूणे की वायरोलोजी लेब से भी टीम जयपुर में आई हुई है। यह टीम जीका वायरस का विस्तार से अध्ययन कर रही है।