फारेंसिक साइंस एंड मेडिकल ज्यूरिसप्यूरडेंस पर दो दिवसीय सेमीनार आयोजित

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जयपुर
मणिपाल विश्वविद्यालय जयपुर में संचालित फेकल्टी ऑफ आर्ट एंड लॉ के डिपार्टमेंट ऑफ लॉ की और से द रोल ऑफ फारेंसिक साइंस एंड मेडिकल ज्यूरिसप्यूरडेंस इन क्रिमिनल इनवेस्टीगेशन पर दो दिवसीय सेमीनार का उद्घाटन राजस्थान हाई कोर्ट के जज माननीय जस्टिस एम. एन.  भंडारी, रिटायर्ड आईपीएस एवं सरदार पटेल युनिवर्सिटी ऑफ पुलिस सिक्योरिटी एवं क्रिमिनल जस्टिस, जोधपुर, इंडिया के पूर्व वाईस चांसलर, महेंद्र कुमावत, विश्वविद्यालय के चैअरपर्सन, प्रो. के. रामनारायण, प्रो-प्रेसिडेंट, प्रो. एन. एन. शर्मा, रजिस्ट्रार, प्रो. वंदना सुहाग, फेकल्टी ऑफ आर्ट एंड लॉ की डीन, प्रो. मृदुल श्रीवास्तव, डिपार्टमेंट ऑफ लॉ की विभागाध्यक्ष, डॉ. विजय लक्ष्मी ने दीप प्रज्ज्वलन कर शनिवार को किया। वहीं सेमीनार का समापन रविवार को हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान पुलिस जयपुर के एडिशनल डायरेक्टर जनरल एवं आईपीएस डीसी जैन थें। उद्घाटन सत्र में राजस्थान हाई कोर्ट के जज माननीय जस्टिस एम. एन. भंडारी ने मर्डर, मर्डर के प्रयास, रेप सहित अनेक प्रकार के कैसों के सबंध में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने इस केसों के सबंध में विभिन्न प्रकार के साक्ष्यों के बारे में चर्चा की। इस अवसर पर रिटायर्ड आईपीएस महेंद्र कुमावत ने कहा कि मनुष्य के जीवन में हमेशा कही न कही न्याय की आवश्यकता एवं भूमिका रहती है एवं हर व्यक्ती किसी न किसी रूप में न्याय प्राप्त करने के लिए आतुर रहता है। उन्होंने भारत के संविधान एवं संविधान की उद्देशिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विभिन्न देश एवं विश्व के विभिन्न देशों के अनेक केसों का जिक्र करते हुए न्याय के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में विष्वविद्यालय के चैअरपर्सन, प्रो. के. रामनारायण ने कहा कि सेमीनार लर्निंग प्रोसेस का एक बेहतरीन माध्यम है। इस सेमीनार में लिगल, पुलिस एवं मेडिकल जैसे विषयों पर बात-चीत निष्चित ही प्रतिभागियों को लाभांविंत करेगी। उन्होंने प्रतिभागियों से सवाल पूछने एवं सेमीनार के विभिन्न तकनीकी सत्रों से सीखने का आह्वान किया। समापन समारोह में आईपीएस डीसी जैन ने प्रतिभागियों को फोरेंसिक साइंस के रोल के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही उन्होंन फोरेंसिक साइंस तकनीक का अन्वेषण में भूमिका पर भी प्रकाष डाला। विष्वविद्यालय की डीन, फेकल्टी ऑफ आर्ट एंड लॉ, प्रो. मृदुल श्रीवास्तव ने उद्घाटन सत्र में अतिथियों को एफ.एस. नरिमन की ऑटोबॉयोग्राफी भेंट की। कार्यक्रम में विष्वविद्यालय के प्रो. वी. एन. माथुर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। प्रो. मृदुल श्रीवास्तव ने स्वागत भाषण के माध्यम से सभी का स्वागत किया एवं डॉ. विजय लक्ष्मी ने सभी को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के आरंभ में अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया गया एवं स्मृति चिन्ह देकर आभार जताया। इस अवसर पर विष्वविद्यालय के विभिन्न फेकल्टी के डीन, स्कूल्स के निदेषक, विभागों के विभागाध्यक्ष, फेकल्टी सदस्य एवं विद्यार्थी मौजूद थे। सेमीनार में देष के विभिन्न प्रदेषों के षिक्षण संस्थानों से 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस दो दिवसीय सेमीनार में सेमीनार की थीम एवं इससे सम्बंधित विषयों पर विभिन्न तकनीकी सत्रों में विषय विषेषज्ञों ने अपने विचार रखें एवं प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। समापन समारोह का संचालन सुनिता सिंह ने किया।