अपराजित महिलाएं बनेंगी 12वें ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल की आवाज़

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जयपुर
'धरती पर सबसे बड़े साहित्यिक उत्सव' के तौर पर लोकप्रिय ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल विचार-विमर्ष और निर्बाध वार्तालापों की दुनिया का सरताज है। वैश्विक साहित्यिक मंच पर शानदार उपस्थिति दर्ज करा चुके इस फेस्टिवल में पिछले एक दशक के दौरान दुनियाभर से आए करीब 2000 वक्ताओं और पुस्तक प्रेमियों की मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है, और आज भी यह साहित्यिक तथा कलात्मक परंपराओं का लोकतांत्रिक मंच बना हुआ है। यह फेस्टिवल समानता, सर्वसमाहितता, प्रगति एवं सहानुभूति आदि को बढ़ावा देने के लिए विश्वभर से विभिन्न क्षेत्रों के लेखकों एवं विचारकों को एकजुट करता है। इस वर्ष, फेस्टिवल में ऐसी कई ताकतवर महिलाओं को मंच मिल रहा है जिनकी प्रतिभाओं ने उनकी व्यक्तिगत जीवन-यात्राओं को तय करने के साथ-साथ और बहुतों के जीवन को बदलने एवं प्रेरित करने में अहम् भूमिका निभायी है। फेस्टिवल के प्रेरक सत्र मिताली राज: द वॉरियर स्किपर ऑफ इंडियन क्रिकेट' में भारतीय महिला क्रिकेट कप्तान, अर्जुन एवं पद्मश्री पुरस्कारों से सम्मानित मिताली राज शीर्ष तक पहुंचने के अपने सफर और चुनौतियों के बारे में अपनी हालिया प्रकाशित आत्मकथा के माध्यम से चर्चा करेंगी। मिताली ने लैंगिक पूर्वाग्रहों और महिला खिलाडिय़ों के लिए उपलब्ध अवसरों के साथ होने वाली छेड़छाड़ पर भी अपनी तीखी नजऱ डाली है और एक ऐसा माहौल तैयार करने की बात की है जो प्रतिभा तथा संकल्प को पुरस्कृत करने वाला हो। उशा उत्थुप जैसे किरदार भी गिने-चुने ही हैं जो जिंदगी जीने का लाजवाब जज़्बा रखते हैं, जिनके पास है वो दमदार आवाज़ जो सीधे आत्मा की गहराइयों से निकलकर आती है और साथ ही, अपने क्षेत्र में आगे बढ़ते जाने की लगन है। उत्थुप, जो कि 15 भारतीय भाशाओं तथा आठ विदेशी भाषाओं में गाती हैं, कई पीढिय़ों के संगीत प्रेमियों को अपनी गायकी की तरफ खींचती आयी हैं। वे फेस्टिवल में संजॉय के. रॉय के साथ आई बिलीव इन म्युजि़क' सत्र में चर्चा करेंगी, बताएंगी कि संगीत उनके लिए क्या मायने रखता है और साथ ही इसकी ताकत के प्रति अपनी अगाध आस्था के बारे में भी बात करेंगी। व्हाट वी टॉक एबाउट वैन वी टॉक एबाउट रेप' में सोहेला अब्दुलाली 30 साल पहले गैंग-रेप का शिकार बनने की अपनी दिल दहलाने वाली कहानी साझा करेंगी। अब्दुलाली, जो कि पत्रकार और लेखक हैं तथा द न्यूयार्क टाइम्स में जिनके 2013 ओप-एड ने रीडरशिप के तमाम रिकार्ड ध्वस्त कर दिए थे, अपनी ताजा किताब पर चर्चा करेंगी। यह किताब एक लेखक, परामर्षदाता और एक कार्यकर्ता के नज़रिए से लिखी गई है तथा निजी और पेशेवर अनुभवों से पककर निकली है तथा यौन अपराधों के षिकार बने लोगों, इन अपराध-यंत्रणाओं से बच निकलने वालों, नारीवारियों आदि तक अपनी बात कहती है। अब्दुलाली ने इस किताब में बलात्कार के इर्द-गिर्द पैदा होने वाली चुप्पियों पर भी प्रकाष डाला है। येल में प्रोफेसर तथा मैपिंग द हैवन्स: द रैडिकल साइंटिफिक आइडियाज़ दैट रिवील द कॉस्मॉस की जानी-मानी लेखिका प्रियंवदा नटराजन हमें पिछली सदी में हुई महान खगोलीय खोजों की यात्रा पर ले जाने के लिए मैप द हैवन्स' के टूर पर ले जाती हैं। नटराजन ने वैज्ञानिक सिद्धांतों को आम पाठकों के लिए सहज और सुगम्य बनाया है और आकर्शक एवं ताकतवर लर्निंग के लिए संख्यात्मक तथा वैज्ञानिक साक्षरता कोबेहतर ढंग से परोसा है, इस सत्र में भी वे ऐसा ही कुछ करने जा रही हैं।