एन्त्रेप्रेंयूरिअल स्किल्स के साथ जन्म लेती हैं महिलाएं : मुग्धा सिन्हा

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जयपुर
गृहस्थी चलाने एवं इसके बेहतर प्रबंधन के लिए महिलाओं में मल्टीटास्किंग एवं समय प्रबंधन का कौशल होता है और ये गुण महिलाओं को सफल उद्यमी बनने के लिए सक्षम बनाते हैं। महिलाओं की 'री-स्किलिंग' और उनकी छिपी हुई व्यावसायिक क्षमता को फिर से जगाना वर्तमान समय की आवश्यकता है। यह कहना था राजस्थान सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव, मुग्धा सिन्हा का। वे शुक्रवार को 'हर एंड नाउ' प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग के दौरान विशेष सम्बोधन दे रही थीं। प्रोजेक्ट 'हर एंड नाउ' राजस्थान में महिला उद्यमियों के लिए अपनी तरह का प्रथम इन्क्यूबेशन एवं एस्सेलरेशन प्रोग्राम है। इस प्रोजेक्ट को सस्टेनेबल डवलपमेंट हेतु अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करने वाली जर्मनी की डवलपमेंट एजेंसी - जीआईजेड़, द्वारा लॉन्च किया गया है और राजस्थान के स्टार्टअप ओएसिस इसे कार्यान्वित किया जा रहा है। सिन्हा ने इस अवसर पर उपस्थित सभी महिला उद्यमियों से विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं से लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने सुझाव दिया कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उन्हें पेटेंट, कॉपीराइट और कानूनी अनुबंधों का ज्ञान होना आवश्यक है। उन्होंने यह कहते हुए अपने सम्बोधन को समाप्त किया कि बढ़ते मशीनीकरण एवं तकनीकी प्रगति के साथ यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिलाओं की नौकरियां ना छीनी जाए और टेक्नोलॉजी जेंडर सेंसिटिव होनी चाहिए। 'हर एंड नाउ' की जीआईजेड़ की प्रोजेक्ट हेड, सुश्री जूलिया कार्स्ट ने कहा कि इस प्रोजेक्ट को जर्मनी सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की गई है और भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की साझेदारी में लॉन्च किया जा रहा है। इसके जरिए भारत की मौजूदा एवं इच्छुक महिला उद्यमियों को सहयोग प्रदान किया जाएगा। राजस्थान के बाद यह प्रोजेक्ट तेलंगाना एवं असम राज्यों में भी लॉन्च किया जाएगा। इस प्रोग्राम की संरचना की जानकारी देते हुए स्टार्टअप ओएसिस के सीईओ, श्री चिंतन बख्शी ने कहा कि समूह आधारित 7-माह के इस इन्क्यूबेशन एवं एस्सेलरेशन प्रोग्राम में 2-दिवसीय 7 कॉन्टेक्ट सैशंस होंगे, जिनमें वर्कशॉप, डाइग्नोस्टिक पैनल एवं मेंटोरिंग क्लिनिक का समायोजन होगा। उन्होंने आगे जानकारी दी कि उद्यमियों के लिए विशुद्ध रूप से ज्ञान आधारित सत्रों के बजाय एक्सपीरियन्स, एक्शन एवं लर्निंग की अधिक आवश्यकता होती है। इसलिए सभी सत्रों का समापन 'एक्शन एजेंडे' के साथ होगा और नये सत्रों की शुरूआत पिछले एक्शन एजेंडे की समीक्षा के साथ होगी।

'वुमन इन एंटरप्रिन्योरशिप - मूविंग बियॉन्ड द प्लैटिट्यूड्स' पर पैनल डिस्कशन -                                                          प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग के पश्चात 'वुमन इन एंत्ररप्रेन्योरशिप - मूविंग बियॉन्ड द प्लैटिट्यूड्स' विषय पर पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया। इसके पैनलिस्ट्स में राजस्थान की सुश्री शीनू झांवर, सुश्री पूजा आर्य, सुश्री सीमा शाह और सुश्री अजैता शाह जैसी राजस्थान की महिला उद्यमी शामिल थीं। स्टार्टअप ओएसिस की एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट, डॉ. पल्लवी टाक द्वारा इसका संचालन किया गया। इसके तहत 'एन्त्रेप्रेंयूरिअल जर्नी, प्लैटिट्यूड्स, सबकॉन्शियस बायस और चैलेन्जेज् जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। इसके पश्चात् उपस्थित महिला उद्यमियों के साथ एक इंटरेक्टिव क्वेश्चन-आंसर सैशन आयोजित किया गया। कुछ महिला उद्यमियों ने उद्यमिता पर अपने दृष्टिकोण एवं अनुभव भी साझा किए। इससे पूर्व स्टार्टअप ओएसिस की एसोसिएट प्रोग्राम्स, सुश्री पल्लवी चौधरी ने सभी मेहमानों का स्वागत किया।