प्रदेश में जीका वायरस के 29 पॉजिटिव केस आए सामने

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जयपुर
प्रदेश में जीका वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। जीका वायरस के अब तक कुल 29 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं। इनमें तीन गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। जांच के लिए भेजे गए कुल 450 सैंपल में से 160 गर्भवती महिलाओं के सैंपल शामिल थे। इनमें से तीन गर्भवती महिलाओं में जीका वायरस पॉजिटिव पाया गया है। एसीएस वीनू गुप्ता ने बताया कि इनमें से एक गर्भवती महिला की सोमवार को डिलीवरी हो चुकी है। जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। जीका वायरस को लेकर अब राज्य सरकार भी गंभीर गई है। एसीएस वीनू गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली से आई केंद्रीय टीम के साथ स्वास्थ्य भवन में वर्कशॉप की। ऑडियो-वीडियो प्रेजेंटेशन के साथ हुई मीडिया सेन्सीटाइजेशन वर्कशॉप में एसीएस गुप्ता ने राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों जानकारी दी। जीका रोग के प्रमुख लक्षण इंसान में देखे जा सकते हैं। इसमें आंखें आना, शरीर पर दाने होना और बुखार होना। बदन दर्द और जोड़ों में दर्द होना इसके सामान्य लक्षण हैं। जीका की रोकथाम के लिए मच्छरों को पनपने से रोकना बेहद जरूरी है। विशेष रूप से ठहरे हुए साफ पानी में जीका पनपता है। इसलिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जीका रोग के लक्षण मच्छर के काटने से दो से सात दिन के बाद प्रकट होते हैं।