सांसद की सभा में भीड़ जुटाने के लिए स्कूली बच्चों को भी बुला लिया

img

झालावाड़
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का गृह जिला झालावाड़ के कस्बा सुनेल की कृषि उपज मंडी के परिसर में आमुखी करण कार्यशाला के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए सांसद दुष्यंत सिंह की सभा के लिए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजकीय उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय दोनों से कक्षा 9वीं से 12वीं तक छात्राओं को सभा में लाने का फरमान जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किया गया और भीड़ न जुटाने वाले स्कूल के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। जबकि इस समय छात्राओं की पढ़ाई चल रही है। भीड़ बुलाने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का बहाना बनाकर गांव-गांव से लोगों को बुलाया गया। योजनाओं का कोई लाभ नहीं मिला वह खाली हाथ गांव लौट गए। सांसद के कार्यक्रम में खाने के पैकेट के लिए मची लूट, दिव्यांगों, विद्यार्थियों और महिलाओं को नहीं मिले पैकेट। लोग खाने की पैकेट पर टूट पड़े और छीना-झपटी के चक्कर मे लोगों के बीच लड़ाई झगड़े की नौबत तक चलने की स्थिति बन गई। वक्त के साथ अब भीड़ बुलाने के लिए साफ्ट टारगेट स्कूल-कॉलेज हो चुके हैं। किसी भी सरकारी आयोजन में विद्यार्थियों को लाकर खड़ा कर दिया जाता है। सोमवार को होने वाले आमुखीकरण कार्यशाला कार्यक्रम के लिए ऐसा ही हो रहा है। परिसर में 105 गुणा 75 फीट का पांडाल लगाया गया था जिस में बैठने की क्षमता मंच की जगह गैलरी आदि निकालने के बाद लगभग 2500 लोगों की है उसमें लगभग 800 से 1000 स्कूली छात्रों ने पूर्ति कर दी गई। जबकि कार्यक्रम करीब 2 घंटे बाद प्रारंभ हुआ है। ऐसे में छात्राओं की परेशानी इस बात को लेकर भी है कि गर्मी के मौसम में इतने पहले कार्यक्रम में बुलाकर परेशान किया जा रहा है। कई छात्र और छात्राओं ने बताया प्रोग्राम क्या है हमें नहीं मालूम हमें तो प्रिंसिपल महोदय ने कृषि उपज मंडी में जाने की कहा है इसलिए हम यहां आए। अध्यापक ने बताया कि हमें छात्राओं को लाने के लिए प्रिंसिपल ने आदेश दिया। अनीता मीणा प्रिंसिपल राजकिय उच्च माध्यमिक बालिका विद्यालय सुनेल ने बताया कि सांसद के कार्यक्रम में छात्राओं को लाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा गया है। कक्षा 9 से कक्षा 12 की छात्राओं को लाया गया। इस संबंध में राजेन्द्र नेहरू प्रिंसिपल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुनेल ने मामले से पल्ला झाड़ते हुए बच्चों को लाभान्वित करने के लिए बुलाया गया। जब उनसे पूछा गया कितने बच्चों को लाभान्वित किया गया तो उन्होंने बताया सांसद महोदय चले गए। जबकि छात्रों को प्रोग्राम के मामले में कोई जानकारी हीं है।