जसवंत सिंह के बेटे मानवेन्द्र आज कांग्रेस में होंगे शामिल

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जोधपुर
भाजपा के संस्थापक सदस्य रहे जसवंत सिंह जसोल के पुत्र मानवेन्द्र कांग्रेस में शामिल होंगे। बुधवार को दिल्ली में वे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के घर पर मुलाकात कर कांग्रेस की सदस्यता लेंगे। इस दौरान राजस्थान में कांग्रेस से जुड़े राजपूत समाज के अधिकांश नेता मौजूद रहेंगे। मानवेन्द्र के कांग्रेस में शामिल होने से सीमावर्ती बाड़मेर-जैसलमेर की सियासत में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। 
हालांकि, यह देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस में मानवेन्द्र को कितनी तवज्जों मिलती है। पिछले लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के पश्चात जसवंत सिंह के बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव लडऩे के बाद से मानवेन्द्र को भाजपा ने कोई तवज्जों नहीं दी। लगातार उपेक्षित मानवेन्द्र ने पिछले माह पचपदरा में स्वाभिमान रैली कर भाजपा से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से उनके कांग्रेस में शामिल होने को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। मानवेन्द्र के कांग्रेस में आते ही मारवाड़ की सियासत में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। बाड़मेर में कांग्रेस की राजनीति हमेशा जाट आधारित रही है। सिर्फ एक ही चुनाव में जाट और राजपूत दोनों एक साथ रहे हैं। जबकि आमतौर पर यह दोनों अलग-अलग पार्टी के साथ खड़े रहे हैं। वर्ष 1989 में जाट और समुदायों के बीच एकता नजर आई थी। उस समय जनता दल के प्रत्याशी कल्याण सिंह कालवी के पक्ष में नाथूराम मिर्धा ने जाटों को भी लामबंद किया था। यही कारण रहा कि कालवी आसानी से चुनाव जीत गए। मानवेन्द्र के कांग्रेस में शामिल होने से अब एक बार फिर कुछ ऐसे ही समीकरण बनते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस दुविधा में है कि मानवेन्द्र को किस सीट से उतारा जाए। वे शिव से विधायक हैं। कांग्रेस अमूमन इस सीट पर मुस्लिम प्रत्याशी को उतारती रही है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस अपने परम्परागत मुस्लिम मतदाताओं को किस तरह से साधेगी।