जोधपुर शहर में केन्द्रीय कारागार के रि-लोकेशन की आवश्यकता

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  • केन्द्रीय कारागार का रि-लोकेशन हो तो शहर का नया विकास हो
  • जोधपुर शहर के बीच स्थित केन्द्रीय कारागार के रि-लोकेशन की आवश्यकता है
  • 100 बीघा भूमि पर नई योजनाएं प्रस्तावित कारागार के विनिर्माण हेतु
  • पांच बीघा में शहीद स्मारक, 25 बीघा में योगा सेन्टर व 70 बीघा में आवासीय वाणिज्यिक उपयोग हेतु कॉम्पलेक्स प्रस्तावित

जोधपुर
जोधपुर शहर हर दृष्टि से राजस्थान का एक महत्वपूर्ण शहर है। जोधपुर की सेन्ट्रल जेल बहुत ही पुरानी है। जोधपुर की सेन्ट्रल जेल में हिन्दुस्तान की जानी मानी हस्तियां भी रही है और अभी भी कई तो अपनी सजाएं काट रहे हैं। बढ़ती जनसंख्या के साथ अपराधों में बढ़ोत्तरी हो रही है। कई वर्षों से जोधपुर सेन्ट्रल जेल के परिसर के विस्तार एवं उसकी सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कार्य योजनाएं बनती रही परन्तु राजनीतिक ईच्छा शक्ति के अभाव में अमल में नहीं लाई जा सकी। जोधपुर सेन्ट्रल जेल का यदि विस्तार एवं आधुनिकीकरण होता है जो यहां शहीदों के स्मारक के साथ-साथ जेल प्रशासन की सुविधाओं का विस्तार होगा और यह अपने आप में देश के बेहतरीन कारागार के रूप में विकसित होगा। जोधपुर सेन्ट्रल जेल का अपना एक इतिहास है। यदि इसका अत्याधुनिकीकरण होता है तो कई मायनों में यह हर दृष्टि से सुविधाजनक होगा। वैसे भी कारागृहों को सुधार गृह का नाम दिया जाता है और यदि ये आज के वैज्ञानिक मापदंडों जिनमें इनकी दैनिक दिनचर्याओं, सुधार कार्यक्रमों के अलावा इनके प्रशिक्षण एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विकसित किये जाते हैं तो ये अपने आप में अद्वितीय होंगे। जोधपुर सेन्ट्रल जेल के कायाकल्प के साथ यह इसे हिन्दुस्तान की उत्कृष्ट श्रेणी के कारागृहों में लाकर खड़ा कर देगी। वर्ष 1894 में बनी यह जेल जहां एतिहासिक अवशेष है, वहां यह अत्यंत जीर्ण शीर्थ अवस्था में है। यहां तक कि महिला-पुरूष के प्रसाधन सुविधाएं भी दयनीय है। जहां अभी आधुनिक सुविधा से सुसज्जित जेल बनाने के लिए भारत सरकार 75 प्रतिशत अनुदान राशि उपलब्ध कराती है, वहां राजस्थान के दूसरे बड़े महानगर में यह केन्द्र भग्नावस्था में है। शहर के बीचों-बीच स्थित होने से सुरक्षा की दृष्टि से भी यहां केन्द्रीय कारागार का होना उचित नहीं है। खूंखार आतंकी, आदन अपराधी को केन्द्र में रखे जाने से एवं तथाकथित नामी हस्तियोंं को केन्द्र में स्थित कारागृह में रखने से कानून एवं व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ती है। वर्तमान में इस जेल में कैदियों की कार्यशाला की व्यवस्था भी अति प्राचीन होकर अनुपयोगी है। परिणाम स्वरूप कठोर कारावास का काम भी समुचित रूप से नहीं कराया जा सकता है। यहां तक पूर्व महाराजा हणवंत सिंह के क्रेश हुए हवाई जहाज के स्मृति शेष भी यहां सहेज कर नहीं रखी गई है। ये सब प्राचीन वस्तुएं संग्रहालय में रखे जाने योग्य मात्र है। जोधपुर शहर के बीच में स्थित 1894 में बनी जेल को अन्यत्र स्थानांतरित करना आवश्यक है, जिसका विचार लंबे समय से चल रहा है। तत्कालीन संभागीय आयुक्त श्री आरके जैन ने दिनांक 23-12-2011 को मुख्य सचिव, राजस्थान सरकार को प्रस्ताव भेजा था कि लगभग 100 बीघा में फैले जीर्ण शीर्ण केन्द्रीय कारागार को शहर के बाहर स्थानांतरित किया जाये। इस प्रकार उपलब्ध हुई जमीन में से, 1965 के युद्ध में बमबारी से शहीद 35 व्यक्तियों की स्मृति में पांच बीघा में शहीद स्मारक एवं पार्क, 25 बीघा भूमि पर अंतर्राष्ट्र्रीय स्तर का योगा व रिलेक्शन सेंटर तथा 70 बीघा भूमि को आवासीय एवं वाणिज्यिक उपयोग में काम लिया जाये। इससे होने वाले आय से नवीन कारागृह का व्यय स्वत: निकल आएगा। श्री जैन ने देश की प्रथम तीन मंजिल की आधुनिक जेल को लाजपोर (सूरत) में स्थित हैं, उसका विस्तृत विवरण भी राज्य सरकार को प्रेषित किया था। 90 बीघा में बनी इस जेल में 3 हजार कैदियों के रखने की व्यवस्था है, जबकि जोधपुर के वर्तमान कारागार में मात्र 1250 कैदियों के रखने की व्यवस्था है। लाजपोर जेल में 742 सीसीटीवी व इन्फ्रा रेड कैमरे, आरओ पानी व सिवरेज आर, पार्क, अस्पताल, ऑडिटोरियम, लाइब्रेरी, स्कूल, आउट-डोर- इनडोर खेल कूद, स्किल डेवलपमेंट सेन्टर, प्रोडक्शन सेन्टर आदि की सम्पूर्ण व्यवस्था है। यह जेल 60 करोड़ की लागत से बनी है, जिसमें भारत सरकार द्वारा 75 प्रतिशत राशि अनुदान दिया जाता है। श्री जैन ने गांव पालड़ी-खिचियान, बड़ली, केरू व कापरड़ा में आधुनिक जेल निर्माण के लिए सरकारी भूमि चिन्हित कर गृह सचिव को प्रस्ताव भिजवाए थे। तत्कालीन महापौर श्री दाधीच ने निगम की 90 बीघा भूमि कारागृह हेतु उपलब्ध कराने की पेशकश की थी। संभागीय आयुक्त के उक्त प्रस्ताव पर अति मुख्य सचिव, गृह के यहां दिनांक 19-06-2012 को एक बैठक में, केन्द्रीय कारागार, जोधपुर को स्थानांतरित करने का निर्णय भी ले लिया गया। उसके बाद इस संबंध में वांछित प्रगति सही समय का इंतजार कर रही है।