डॉ. भाटी की कविताएं चुनौतियों से लडऩे की शक्ति देती है

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जोधपुर
भारतीय साहित्य विकास न्यास, राजस्थान एवं वागर्थ संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में कवि-आलोचक डॉ. आईदान सिंह भाटी का अभिनंदन एवं एकल काव्य पाठ आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रो. गोविंद सिंह राठौड़ ने कहा कि डॉ. भाटी की कविताओं में हमारा समय बोलता है तथा हमें चुनौतियों से लडऩे की शक्ति मिलती है। मुख्य अतिथि डॉ. एल. एन. हर्ष ने डॉ. भाटी के काव्य सृजन एवं उनकी आलोचना दृष्टि को कालजयी रचनाधर्म बताते हुए उन्हें लोकधर्मिता का प्रखर पैरोकार बताया। मुख्य वक्ता डॉ. ओमप्रकाश भाटिया ने आईदान सिंह भाटी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व की चर्चा करते हुए कहा कि राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत पर उनका लेखन युवा पीढ़ी के लिए प्रेरक एवं अपनी धरती से जुड़ाव पैदा करने वाला है। डॉ. भाटी ने अपने उद्बोधन में कहा कि राजस्थानी भाषा का नाद सौंदर्य हमारी गौरवशाली विरासत है। अपने काव्य-पाठ में उन्होंने अपनी प्रमुख लोकप्रिय एवं चर्चित कविताओं को प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। प्रारंभ में वागर्थ संस्थान के अध्यक्ष आनंद हर्ष ने स्वागत भाषण दिया। संचालन सत्यदेव संवितेन्द्र ने किया। इस मौके पर डॉ. सोनाराम बिश्नोई, मुरलीधर वैष्णव, डॉ. रमेश बोराणा, शब्बीर हुसैन, गुमानसिंह बारहठ, डॉ. सोहनदान चारण, डॉ. फतेहसिंह भाटी, मनोहरसिंह राठौड़, डॉ. नेमीचन्द बोयत, डॉ. हरीदास व्यास, विजय सिंह नाहटा, राकेश मूथा, डॉ. जेबा रशीद, डॉ. उषा माहेश्वरी, डॉ. कल्पना तोमर, किरण, नितिला, संतोष चौधरी, मधुर परिहार, वीणा चूण्डावत, सैय्यद मुनव्वर अली, सुशील एम. व्यास, राजन निर्मोही, हंसराज बारासा, डॉ. जितेन्द्र व्यास, डॉ. भवानी सिंह पातावत, माधव राठौड़, हरिप्रकाश राठी, जितेन्द्रनाथ रोहतगी, आनन्द सिंह परिहार, सूर्यप्रकाश भार्गव, गिरधर गोपाल सिंह भाटी, मोहनसिंह रत्नू, विनोद पालीवाल, महेन्द्रसिंह सिसोदिया आदि गणमान्य एवं प्रमुख साहित्यकार उपस्थित रहे।