कार्यालयी कामकाज में भी हिन्दी का उपयोग करें

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जोधपुर
हिंदी सर्वाधिक उदार भाषा है। यही वजह है कि हिंदी आज देश ही नहीं विश्व के कई देशों में अध्ययन व अध्यापन की भाषा है। बस जरूरत इस बात की है कि जिस तरह बोलचाल में इसका उपयोग करते हैं, उसी तरह कार्यालयी कामकाज में भी इसका सरल, सुगम और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए। यह विचार बैंक ऑफ बडौदा के क्षेत्रीय प्रबंधक केसी पाठक ने व्यक्त किए। 
वे आज बैंक नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की 15वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हिन्दी को बढावा देने के लिए प्रतियोगिता एवं गतिविधियां, प्रकाशन संबंधी और वेबसाइट अद्यतन संबंधी तीन समितियों का गठन करना, मीरा भाषा सम्मान- 2019 के तहत कविता विधा पर जोधपुर के सर्वश्रेष्ठ कवि को सम्मानित करना, समिति की ओर से स्थानीय हिंदी के लब्ध प्रतिष्ठित रचनाकारों की रचनाओं का संकलन प्रकाशित करना, समिति के तत्वावधान में बैंकिंग विषय पर संभाग स्तरीय हिंदी सेमिनार का आयोजन करना, समिति के तत्वावधान में हिंदी के महत्व पर एक राज्य स्तर का सेमिनार आयोजित करना, स्टाफ़ सदस्य के क्षमता निर्धारण हेतु छ: माही आधार पर कार्यक्रम आयोजित करना, बैंकों में एक स्थानीय स्तर की प्रतियोगिता व बैंकों के लिए ई बुकलेट तैयार करने का निर्णय लिया गया। इससे पूर्व बैंक नराकास के उपाध्यक्ष मनीष नाथ मेहरोत्रा ने अतिथियों का स्वागत किया। बैठक में बैंकों के शाखा प्रमुखों, राजभाषा अधिकारियों एवं नामित राजभाषा प्रभारियों का अभिनंदन किया गया।