अनुदानित योजनाओं का अधिकतम जरूरतमंद किसानों-पशुपालकों को फायदा पहुंचाएं : कटारिया

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जयपुर
कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि विभागीय अनुदानित योजनाओं का व्यापक स्तर पर अधिकतम जरूरतमंद किसानों-पशुपालकों को फायदा पहुंचाएं। उन्होंने फील्ड मॉनिटरिंग मजबूत कर किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने और जिला स्तर पर किसान कॉल सेन्टर की तर्ज पर कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए। कटारिया बुधवार को पंत कृषि भवन सभागार में कृषि एवं संबद्ध विभागों की गतिविधियों की समीक्षा कर अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभागीय अनुदानित योजनाओं का अलग-अलग जरूरतमंद किसानों-पशुपालकों को फायदा पहुंचाने का प्रयास करना होगा, ताकि योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर मिल सके। उन्होंने बताया कि जो पहले से ही दूसरी योजनाओं का लाभ ले चुके उन किसानों की प्राथमिकता नीचे रखें। उन्होंने किसानों की खेती से संबंधित समस्याओं को सुनने और समाधान के लिए किसान कॉल सेन्टर की तरह जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री ने खरीफ फसलों के बीज वितरण की समीक्षा करते हुए बीज और खाद समय पर किसानों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान केवल बरसात का इंतजार करता है। बारिश होते ही फसल बोना चालू कर देता है। इसलिए खरीफ फसल की बिजाई के लिए गाइड लाइन आज ही जारी करें और सभी पात्र किसानों को बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें। साथ ही उन्होंने बीज का वितरण भी पारदर्शी तरीके से उर्वरक की तरह पोस मशीन से कराने के प्रयास करने को कहा। उन्होंने बरसात और फसल बुआई की डेली रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। कटारिया ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए 15 जुलाई से पहले नोटिफिकेशन जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने डीएपी-यूरिया सहित अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि काश्तकारों को कोई समस्या नहीं आनी चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि उर्वरकों की मांग के अनुसार स्टॉक है। उन्होंने सॉयल हेल्थ कार्ड में एक नया कॉलम जोड़कर संबंधित मृदा में उपस्थित तत्वों के अनुसार किसान को फसल बोने का सुझाव देने के निर्देश दिए। उन्होंने बॉर्डर इलाके में टिड्डी को नष्ट करने के लिए किए जा रहे विभागीय प्रयासों की समीक्षा की। प्रभारी अधिकारी ने बताया कि इसके लिए पांच राज्य स्तरीय टीमें और जिला स्तरीय टीमें गठित कर दी है जो फील्ड में काम कर रही है। कृषि मंत्री ने उद्यानिकी विभाग को गुणवत्तायुक्त पौध तैयार करने, ग्रीन हाउस में पेस्टीसाइड्स के प्रयोग को कम करने, बूंद-बूंद सिंचाई संयत्रों एवं प्याज भंडारण गृह को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। पशुपालन विभाग को अनुदानित योजनाओं से गरीब तबके के पशुपालकों को लाभ पहुंचाने और शहरों के मध्य स्थापित पशु चिकित्सालय जैसी संस्थाओं को बाहरी इलाके में स्थापित करने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए, ताकि पशुओं की पहुंच आसान हो सके। उन्होंने बीज निगम अधिकारियों को गुणवत्तायुक्त बीज का उत्पादन बढ़ाने को कहा। श्री कटारिया ने मत्स्य विभाग को मछली प्रसंस्करण से संबंधित इकाइयां लगाने के लिए योजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। आरएसीपी को दूसरे चरण के लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर प्रस्ताव विश्व बैंक को प्रस्तुत करने को कहा। अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पवन कुमार गोयल ने कहा कि सरकार की मंशा के मुताबिक फील्ड मॉनिटरिंग मजबूत की जाएगी और किसानों को विभागीय योजनाओं का गुणवत्ता के साथ समय पर लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में आरएसीपी निदेशक डॉ. ओमप्रकाश, उद्यानिकी विभाग के निदेशक श्री मोहनलाल यादव, पशुपालन विभाग की संयुक्त शासन सचिव श्रीमती अनुप्रेरणा सिंह कुंतल, कृषि विभाग के संयुक्त शासन सचिव श्री एसपी सिंह, कृषि मंत्री के विशिष्ट सहायक श्री विभू कौशिक सहित कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, मत्स्य, आरएसीपी, आरएसडब्ल्यूसी, आरएसएससी एवं आरएसएसओसीए के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।