बाल विवाह का आयोजन समाज के लिए घातक : शक्ति सिंह

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धौलपुर
माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला एवं सेशन न्यायाधीश के मार्गदर्शन अनुसार गुरूवार को जवाहर नवोदय विद्यालय धौलपुर में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शक्ति सिंह द्वारा बाल विवाह की रोकथाम हेतु विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्रा-छात्राओं को बताया गया कि विवाह हेतु सही उम्र लडकी कम से कम 18 वर्ष की व लडका कम से कम 21 वर्ष का होना चाहिए, इससे कम आयु में विवाह का आयोजन बाल विवाह की श्रेणी में आता है। बाल विवाह की रोकथाम हेतु स्कूली छात्रा-छात्राएं भी एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। यदि कहीं बाल विवाह का आयोजन हो रहा है तो इसे रूकवाने के लिए छात्रा-छात्राएं इसकी सूचना अपने स्कूल के अध्यापक, प्रिंसीपल को दे सकते हैं। स्कूल प्रशासन इसकी सूचना कार्यालय जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं पुलिस प्रशासन को देकर बाल विवाह को रूकवा सकते हैं। बाल विवाह आयोजन के संबंध में सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जावेगा। बाल विवाह सामाजिक बुराई है एवं कानूनन एक दण्डनीय अपराध है। यदि कहीं बाल विवाह होने जा रहा है तो कोई भी व्यक्ति पुलिस या न्यायालय मजिस्टेऊट के समक्ष रिपोर्ट या परिवाद दायर कर सकता है। पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दे सकता है। पुलिस आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करेगी। न्यायालय बाल विवाह रोकने के लिए अविलम्ब स्टे जारी कर सकता है। बाल विवाह के अपराध पर इसमें सहयोग व प्रेरित करने वाले परिवारजन, पण्डित, नाई, बाराती, बैण्ड वाले व अन्य सभी दोषियों को 2 वर्ष की अवधि का कारावास व 1 लाख रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया जा सकता है। बाल विवाह के बहुत से दुष्परिणाम हैं जैसे कि छोटी उम्र में विधवा होना, मातृ मृत्यु दर का बढना, छोटी उम्र में मॉं बनना, वैवाहिक जीवन में तनाव, शिक्षा, कार्यकुशलता एवं आत्मनिर्भरता का अभाव, गर्भपात, अपरिपक्व प्रसव, कम भार के बच्चों का जन्म, शारीरिक एवं मानसिक रूप से कमजोर पीढी का जन्म इत्यादि। शिविर में छात्रा-छात्राएं सहित स्कूल के प्रधानाचार्य के.एस.बघेल, अध्यापक एवं अध्यापिकाएं उपस्थित रहे।