लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने बदली रणनीति, दावेदारों में मची खलबली

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  • सचिन पायलट से लेकर मंत्रियों तक को लोकसभा चुनाव लड़ाने पर विचार 
  • अजमेर, जयपुर, जयपुर ग्रामीण,भीलवाड़ा, करौली—धौलपुर से मौजूदा विधायकों के नाम की चर्चा 
  • जिन सीटों पर विकल्प नहीं है वहां दिग्गजों को उतारा जाएगा 
  • बदले राजनीतिक समीकरणों के बाद कांग्रेस ने बदली रणनीति 
  • सीटों पर मौजूदा दावेदारों पर सहमति नहीं बनने से विकल्प के तौर पर मंत्रियों—विधायकों के नाम 
  • विधानसभा चुनावों के फार्मूले को लोकसभा में दोहराने की रणनीति 

जयपुर
लोकसभा चुनाव के लिए दिल्ली में प्रत्याशियों के चयन में जुटी कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की नई रणनीति ने कई दावेदारों की नींद उड़ा दी है, पार्टी में जैसे ही रणनीति में बदलाव की सुगबुगाहट शुरू हुई तो दावेदारों में खलबली मच गई है। टिकट की जुगत में दिल्ली में डेरा डालकर बैठे दावेदारों ने अपनी भागदौड़ अब और तेज कर दी है। दरअसल रविवार को हुई स्क्रीनिंग कमेटी में बैठक के बाद प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे में कुछ सीटों से दिग्गज नेताओं को उतारे जाने के संकेत दिए थे। उसके बाद स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में शामिल हुए चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने भी प्रदेश प्रभारी पांडे के संकतों की पुष्टि की। सूत्रों की मानें तो मिशन-25 को हासिल करने के लिए पार्टी ने अपनी रणनीति में कुछ बदलाव किया है। कुछ समय पहले पार्टी ने मौजूदा विधायकों को लोकसभा चुनाव में नहीं उतारने का निर्णय किया था, इससे टिकटों की जुगत में लगे दावेदार थोड़े निश्चिंत हो गए थे, लेकिन बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों में अब फिर से उसमें बदलाव कर दिया गया है। पार्टी अब अपने दिग्गज नेताओं को लोकसभा चुनाव में उतारने का मानस बना रही है। इन दिग्गजों में सचिन पायलट से लेकर मौजूदा विधायक और मंत्री ही शामिल हैं, पार्टी के इस निर्णय से कई दावेदारों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। 

कई सीटों पर नहीं मिल रहे हैं जिताऊ उम्मीदवार
पार्टी के पास अजमेर, जयपुर शहर, जयपुर ग्रामीण और भीलवाड़ा जैसी सीटों पर जिताऊ उम्मीदवार नहीं है। इन सीटों के मौजूदा दावेदारों पर सहमति नहीं बन पा रही है, इसलिए विकल्प के तौर पर दिग्गजों के नामों पर विचार किया जा रहा है, करौली-धौलपुर और झालावाड़-बारां सीट का भी यही हाल है, कांग्रेस कितने दिग्गजों को मैदान में उतारती है इसका फैसला कांग्रेस अध्यक्ष राहलु गांधी के स्तर पर होगा। 

इन दिग्गजों पर पार्टी लोकसभा में लगा सकती है दांव 
चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा : अजमेर सीट से टिकट देने पर विचार, रघु शर्मा पिछले साल हुए उपचुनाव में अजमेर से सांसद जीते, इसके बाद केकड़ी से विधानसभा चुनाव जीते, अजमेर में मौजूदा दावेदारों पर सहमति नहीं है ऐसे में जिताउ चेहरे के तौर पर रघु शर्मा को उतारा जा सकता है।

लोक सभा चुनाव मेें कांग्रेस .......

सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी : जयपुर शहर से टिकट पर विचार, महेश जोशी 2009 में सासंद का चुनाव जीत चुके, 2014 में हार गए थे, जयपुर में पार्टी के पास अभी निर्विवाद जिताउ उम्मीदवार नहीं, ऐसे में महेश जोशी पर फिर दांव खेलने की रणनीति पर विचार 
कृषि मंत्री लालचंद कटारिया : जयपुर ग्रामीण से टिकट पर विचार, लालचंद कटारिया 2009 मेंं जयपुर ग्रामीण से सासंद जीत चुके, 2014 में कटारिया लोकसभा नहीं लड़े, विधानसभा चुनाव में झोटवाड़ा से जीते, जयपुर ग्रामीण में पार्टी के पास जिताउ चेहरों का अभाव, कटारिया को मैदान में उतारने पर विचार 
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी : भीलवाड़ा से लोकसभा टिकट देने पर विचार, सीपी जोशी 2009 में भ्ज्ञीलवाड़ा से सासंद जीत चुके, भीलवाड़ा में कांग्रेस के पास मजबूत उम्मीदवार नहीं, सीपी जोशी पर दावं खेला जा सकता है 
राजस्व मंत्री हरीश चौधरी : हरीश चौधरी बाड़मेर से दावेदारी कर रहे हैं, बाड़मेर सीट पर मानवेंद्र सिंह भी प्रबल दावेदार है, मानवेंद्र सिंह को बाड़मेर की जगह अन्य सीट से  लोकसभा का टिकट देने की हालत में ही हरीश के नाम पर विचार 
खान मंत्री प्रमोद जैन भाया : झालावाड़—बारां से प्रमोद जैन भाया के नाम पर विचार, भाया की पत्नी उर्मिला जैन भी दावेदार, इस सीट पर लंबे समय से कांग्रेस नहीं जीत रही, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह तीन बार जीत चुके, इससे पहले वसुंधरा राजे जीतती रही हैं, इस सीट पर जिताउ चेहरा नहीं, इस बार प्रमोद जैन पर दाव खेलने पर विचार 
खिलाड़ीलाल बैरवा : बसेड़ी से विधाायक खिलाड़ीलाल बैरवा करौली—धौलपुर से दावेदार हैं, बैरवा 2009 में इस सीट से सासंद रह चुके हैं, इस सीट पर पार्टी के पास लक्खीराम बैरवा भी दावेदार हैं
नमोनारायण मीणा : टोंक सवाईमाधोपुर से 2009 में जीत चुके है।, 2009 में दौसा से हार चुके, अब फिर से टिकट देने पर विचार।