डकैत जगन गुर्जर की हैवानियत से पीडि़त परिवार, खौफ और भय के साये में जीने को मजबूर

img

धौलपुर
12 जून को बसईडांग थाना इलाके के गांव सायपुर करन सिंह का पुरा चंबल घाटी के कुख्यात सरगना डकैत जगन गुर्जर ने हैवानियत की सारी सीमाओं को पार कर एक परिवार की तीन महिलाओं को हथियारों की नोक पर बंधक बनाकर मारपीट कर गांव में निर्वस्त्र कर घुमाने के बाद घटना से पीडि़त परिवार खौफ और भय के साये में जीने को मजबूर है। हालाँकि पुलिस प्रशासन ने एक चार का आरएसी के जवानो का जाप्ता सुरक्षा के लिए तैनात किया है। उसके बाबजूद भी पीडि़त परिवार के पुरुष महिला और बच्चे दहशत में बने हुए है। पीडि़तों ने बताया कि अगर सरकार और प्रशासन ने सुरक्षा की माकूल व्यवस्था नहीं की तो परिवार को लेकर पलायन करना पड़ेगा।
चम्बल का जिक्र आते ही आंखों के सामने आ जाते हैं बागी, बंदूक और बीहड़। जिले के बसईडांग इलाके में डकैत डेरा डाले हुए हैं । यह वे डकैत जिनके खौफ से इस समय दहशत है। डांग क्षेत्र के गांव सायपुर करन सिंह का पुरा में चार दिन पहले डकैत जगन गिरोह ने हैवानियत की सीमाओं पार करते हुए ऐसा नंगा नाच किया कि लोगों की रूह कांप गई। डकैत जगन ने गांव पहुंचकर महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट की उसके बाद महिलाओं को निर्वस्त्र कर हथियारों की नोक पर घुमाया गया। करीब दो घंटे तक दस्यु ने गांव में दहशत फैलाकर तांडव मचाया। वारदात के बाद गांव में हर किसी के चेहरे पर खौफ साफ नजर आ रहा है। आज रविवार को हम गांव सायपुर करन सिंह का पुरा गांव पहुंचे तो गांव में प्रवेश करने के साथ ही खेलते बच्चों, बुर्जुग,महिलाओं की आंखें झुकने लगी। सभी के चेहरों पर खौफ और दहशत का साया साफ़ दिखाई दे रहा था। चार सिपाही हाथों में बंदूक लेकर पीडि़त परिवार को घेरकर भय और खौफ को निकालने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन घर में सन्नाटा पसरा हुआ था। डकैत का भय इतना की अभी तक परिवार के चूल्हे नहीं जले है। हमने घर के मुखिया से बात की तो आँखे भर आई और कहने लगा अब डकैत नहीं छोड़ेगा। बच्चे महिला सभी डरे हुए है। पीडि़त परिवार के मुखिया ने कहा कि घर की इज्जत चली गई। डकैत जगन कभी भी हमला कर सकता है। सभी भाइयों के परिवार दहशत में बने हुए है। परिवार की महिलाओं ने बताया कि डकैत जगन द्वारा किया गया घिनोना कृत्य जैसे ही आँखों के सामने आता है। नीद ओझल हो जाती है। पीडि़त महिलाओं ने बताया कि परिवार के पुरुष लोग पानी के अभाव में मवेशियों को पालने के लिए बाहर गए थे। घर में सिर्फ बजुर्ग महिला बच्चे और युवतियां थी। डकैत जगन ने चार साथियों के साथ गांव पहुंचकर बच्चों महिलाओं से मारपीट की। सोने चांदी के आभूषणों को लूट लिया, महिलाओं को निर्वस्त्र कर हथियारों की नोक पर गाँव में घुमाया। पीडि़ताओं ने बताया कि बचाव के लिए ग्रामीणों और डकैतों से मिन्नते मांगती रही। लेकिन ग्रामीण डकैत के भय से सामने नहीं आये। वही डकैतों ने करीब दो घंटे तक यातनाये देकर मुक्त किया।