तेज तूफान से पंडाल गिरा, 14 लोगों की मौत, सीएम ने दिए घटना की जांच के आदेश

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बाड़मेर
जिले के बालोतरा के पास जसोल में रविवार को तेज तूफान से कथा आयोजन का पंडाल गिर गया। इसमें 14 लोगों की मौत हो गई है। जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों को सरकारी व निजी वाहनों से अस्पताल में पहुंचाया। कथा आयोजन में करीब 1500 से अधिक लोग मौजूद थे। हादसे के बाद बचाव और राहत कार्य शुरु कर दिया है। पुलिस महानिरीक्षक रेंज जोधपुर सचिन मित्तल ने 12 की मौत की पुष्टि की है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव समेत पांच उच्च अधिकारियों की एक टीम गठित की है।डीएम हिमांशु गुप्ता ने बताया कि पंडाल में एक हजार से ज्यादा लोग मौजूद थे, जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग थे। माना जा रहा है कि ज्यादातर लोगों की मौत पंडाल में करंट फैलने से हुई। केंद्रीय राज्यमंत्री और बाड़मेर से भाजपा सांसद कैलाश चौधरी अपना रांची दौरा रद्द कर घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। हादसे का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कथावाचक मुरलीधर लोगों से पंडाल खाली करने के लिए कह रहे हैं। हालांकि, कुछ ही सेकंड्स में पूरा पंडाल गिर जाता है। स्थानीय लोगों ने कई घायलों को निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाया।
जसोल, बाड़मेर में राम कथा के दौरान टेंट गिरने से हुए हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने की जानकारी अत्यंत दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण है। ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करने, शोकाकुल परिजनों को सम्बल देने की प्रार्थना है। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ

स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव का कार्य किया जा रहा है
सम्बंधित अधिकारियों को हादसे की जांच करने, घायलों का शीघ्र उपचार सुनिश्चित करने तथा प्रभावितों एवं उनके परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मोदी व गहलोत ने ट्वीट कर जताया दुख
बाड़मेर जिले के जसोल कस्बे में रविवार दोपहर को कथा के दौरान आंधी के चलते पंडाल गिर जाने से 14 जनों की मौत हो गई। घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दुख जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा, राजस्थान के बाड़मेर में कथा के दौरान पंडाल गिरना दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरी संवदेनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और मैं घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं सीएम गहलोत ने ट्वीट कर हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने लिखा, जसोल में राम कथा के दौरान टेंट गिरने से हुए हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने की जानकारी अत्यंत दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण है। ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करने, शोकाकुल परिजनों को सम्बल देने की प्रार्थना है। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। उन्होंने लिखा कि स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव का कार्य किया जा रहा है। सम्बंधित अधिकारियों को हादसे की जांच करने, घायलों का शीघ्र उपचार सुनिश्चित करने तथा प्रभावितों एवं उनके परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जसोल, बाड़मेर में राम कथा के दौरान टेंट गिरने से हुए हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की जान जाने की जानकारी अत्यंत दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण है।ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करने,शोकाकुल परिजनों को सम्बल देने की प्रार्थना है। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ वंसुधरा राजे बाड़मेर के जसोल में राम कथा के दौरान तेज आंधी से गिरे पांडाल हादसे में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत का समाचार सुन बेहद दु:ख हुआ। मैं ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा को शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को कष्ट की इस घड़ी में संबल प्रदान करने की कामना करती हूं।

मृतकों के परिजनों को मिलेगी 5-5 लाख रूपये की सहायता राशि
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाड़मेर जिले के जसोल कस्बे में रविवार को रामकथा के दौरान आंधी-बारिश से पाण्डाल गिरने से हुए हादसे पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने जोधपुर के संभागीय आयुक्त बी.एल. कोठारी को घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। गहलोत ने इस हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबन्धन एवं चिकित्सा अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों एवं उपचार के लिए उचित निर्देश दिए। उन्होंने हादसे के मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रूपये की सहायता राशि देने के निर्देश प्रदान किए हैं। हादसे में घायलों को भी अधिकतम 2 लाख रूपये की सहायता राशि दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने रविवार शाम मुख्यमंत्री कार्यालय में उच्चाधिकारियों के साथ हुई आपात बैठक में जसोल में हुए हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पीडि़तों को जल्द से जल्द राहत देने और नि:शुल्क उपचार के लिए जोधपुर संभागीय मुख्यालय से अतिरिक्त चिकित्सा टीमों, नर्सिंग स्टाफ, दवाईयोंं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पुलिस, प्रशासनिक सहायता एवं आपदा प्रबन्धन व्यवस्था कराने के निर्देश दिये। गहलोत के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए संभागीय आयुक्त जोधपुर बी.एल. कोठारी और पुलिस महानिरीक्षक जोधपुर रेंज सचिन मित्तल घटनास्थल के लिए रवाना हुए।