किसान और पशुपालक आर्थिक विकास की धूरी : गहलोत

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जयपुर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि किसान और पशुपालक प्रदेश के आर्थिक विकास की धूरी हैं। उनके उत्थान से प्रदेश की उन्नति संभव है। संवेदनशील, जवाबदेह और पारदर्शी सरकार में हर व्यक्ति का फीडबैक एवं सुझाव महत्वपूर्ण है। इस दिशा में राज्य सरकार बेहतर बजट के लिए किसानों एवं पशुपालकों से उनके सुझाव ले रही है ताकि उनकी खुशहाली के लिए सार्थक प्रयास किए जा सकें।
गहलोत रविवार को शासन सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में किसानों, पशुपालकों, डेयरी संघ के पदाधिकारियों एवं जनजातीय क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आपका फीडबैक और आपके सुझाव किसानों और कृषि की बेहतरी के लिए महत्वपूर्ण हैं। हम उचित सुझावों को बजट में शामिल करने का प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की समृद्धि के लिए संकल्पबद्ध है। इस दिशा में हमने सरकार में आने के दो दिन में ही अपने वायदे के मुताबिक किसानों का फसली ऋण माफ किया। गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार खेती में अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देगी। साथ ही प्रगतिशील किसानों की हरसंभव मदद करेगी ताकि खेती को लेकर किए जा रहे नवाचारों को बढ़ावा मिले और किसानों की आय बढ़ सके। उन्होंने प्रदेश में प्रगतिशील किसानों और पशुपालकों द्वारा उन्नत तकनीक के उपयोग तथा जैविक खेती की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सराहा। उन्होंने इस बात पर भी प्रसन्नता जाहिर की कि उन्नत खेती के काम में महिलाएं भी आगे आ रही हैं। बैठक में प्रदेश के कोने-कोने से आए लगभग 80 किसानों, पशुपालकों तथा डेयरी संघों एवं जनजातीय क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने बजट को लेकर अपने सुझाव दिए। इन प्रतिनिधियों ने कृषि ऋण माफी तथा मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक सम्बल योजना के तहत दुग्ध उत्पादकों के लिए 2 रुपए लीटर अनुदान देने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कम समय में ही किसानों और पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला, गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया, कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया, कृषि और पशुपालन राज्यमंत्री भजनलाल जाटव, मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, सलाहकार (मुख्यमंत्री) गोविंद शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त निरंजन आर्य सहित विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।