सीमापार से टिड्डी दलों ने की घुसपैठ

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  • 8 जिलों में फैला रखा है आतंक
  • फसलों को कर रहे चट, किसान परेशान
  • सीएम गहलोत ने पत्र लिखकर केंद्र से मांगी मदद

जैसलमेर
राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में पाकिस्तान से हो रही टिट्डी दल की घुसपैठ का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है राज्य के किसानों को। यह घुसपैठ है टिड्डी दलों की। राज्य के सीमावर्ती जिलों के साथ ही कुल आठ जिलों में टिड्डी दलों ने आतंक मचा रखा है। हालांकि टिड्डी दलों को नियंत्रित करने की कोशिश प्रशासनिक स्तर पर की जा रही है लेकिन फिर भी काफी जगहों पर टिड्डी दल नियंत्रण से बाहर हैं और लगातार फसलों पर धावा बोलकर किसानों की मेहनत पसीने से खेतों में खड़ी हुई फसल को चौपट कर रहे हैं। राजस्थान में मई महीने में सीमावर्ती जिलों में टिड्डी दलों की घुसपैठ शुरू हुई थी जो कि तब से लगातार बनी हुई है। टिड्डी दलों के झुंड खेतों पर हमला बोलकर लगातार फसलों को चट कर रहे हैं। कई जिलों में खेतों के अंदर और उपर टिड्डी दल ही दिखाई दे रहे हैं। राजस्थान में टिड्डी दलों की यह घुसपैठ पाकिस्तान से हो रही है। आपको बता दें कि पिछले चार महीनों से राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर, जालौर, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में टिड्डियों का प्रकोप है। इस पर नियंत्रण के लिए राज्य सरकार की ओर से केन्द्र सरकार के टिड्डी चेतावनी संगठन के सहयोग से लगातार कार्यवाही की जा रही है। लेकिन कुछ दिनों से पाकिस्तान की ओर से टिड्डी के नए स्वार्म और हॉपर्स के सीमा पार कर आ जाने से जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर जिलों में टिड्डी का प्रकोप ज्यादा बढ़ गया है।

बेकाबू टिड्डी दलों को कंट्रोल करने को सीएम गहलोत ने केंद्र से मांगी मदद 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में टिड्डी दलों के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार से मदद मांगी है। केन्द्र सरकार से अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने की मांग को लेकर उन्होंने केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने कहा है कि पिछले चार माह से पश्चिमी राजस्थान के 8 जिलों में टिड्डी दलों का प्रकोप है। इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेश में जल्द से जल्द नए दवा छिड़काव यंत्रों, मानव संसाधन और दवा के हवाई छिड़काव के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि राज्य में अब तक कुल 5 लाख 7 हजार 885 हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी के लिए सर्वेक्षण किया गया है और लगभग 1 लाख 50 हजार 892 हैक्टेयर क्षेत्र में टिड्डी नियंत्रण की कार्यवाही की गई है। टिड्डी चेतावनी संगठन के पास उपलब्ध 17 वाहनों के अतिरिक्त राज्य सरकार ने 37 नियंत्रण वाहन उपलब्ध कराए हैं।