स्वास्थ्य सेवा के भविष्य पर आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी का वार्षिक सम्मेलन

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जयपुर
आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी का बहुप्रतीक्षित वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन प्रदन्या का 24वां संस्करण 23-25 नवंबर, 2019 तक जयपुर में आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का विषय ''स्वास्थ्य सेवा का भविष्य: वैश्विकरण, स्थानीय नवाचार और आप है। स्वास्थ्य सेवा, दवा, विकास क्षेत्र और संबद्ध उद्योगों के देश और विदेश के 35 से अधिक विशेषज्ञ तीन दिनों के बौद्धिक मंथन के दौरान दर्शकों को संबोधित करेंगे। वे सम्मेलन के उप-विशयों से संबंधित छह पैनल चर्चाओं, जैसे - स्वास्थ्य देखभाल दक्षता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करना, मूल्य आधारित स्वास्थ्य देखभाल और मूल्य पारदर्शिता से निपटना, निवारक स्वास्थ्य देखभाल में नई दिशाएँ, स्वास्थ्य-प्रभाव के लिए प्रयोजन-संचालित स्टार्टअप और नवाचार, एसडीजी के 2030 के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए रणनीतियाँ, और स्वास्थ्य सेवा की पहुंच, सामथ्र्य और स्वीकार्यता में भी भाग लेंगे। राज्यों और केंद्र के कई नीति निर्माता इस अवसर पर उपस्थित होकर इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इसमें शामिल होने वाले कुछ प्रमुख नामों में यदुवेंद्र माथुर (आईएएस), नीति आयोग के विशेष सचिव, डॉ. सुजाता सौनिक (आईएएस), कौशल विकास और उद्यमिता विभाग की अतिरिक्त प्रमुख सचिव, महाराष्ट्र सरकार नवीन जैन, कौशल, रोजगार और उद्यमिता विकास विभाग के सचिव, राजस्थान सरकार डॉ. मनीष दीवान, जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) के रणनीतिक साझेदारी और उद्यमिता के प्रमुख, भारत सरकार डॉ. निमेश जी. देसाई, मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान (इहबास) के निदेशक, भारत सरकार और डॉ. हर्ष शाह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, गुजरात सरकार शामिल होंगे। अन्य भाग लेने वाले गणमान्य व्यक्तियों में डॉ. कपिल गर्ग, निदेशक, पारस हॉस्पिटल्स गु्रप, जयपुर डॉ. शीनू झावर, निदेशक, एपेक्स अस्पताल, जयपुर डॉ. पंकज गुप्ता, डिजिटल हेल्थ के प्रमुख, एक्सेस हेल्थ इंटरनेशनल डॉ. नारायण प्रसाद, निदेशक सार्वजनिक स्वास्थ्य साक्षरता, बोस्टन डॉ. गौरव तलवार, जीएम, आईबीएम डॉ. माला एयरुन, जोनल क्लिनिकल डायरेक्टर, नारायण मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल डॉ. सुदर्शन जैन, महासचिव, इंडियन फार्मास्युटिकल एलायंस डॉ. राहुल पांडेे संचालन अधिकारी, विश्व बैंक डॉ. देवेंद्र खण्डैत, उप निदेशक, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, भारत कार्यालय और डॉ. ऋचा सिंह देवगुप्ता, उपाध्यक्ष, फोर्टिस हेल्थकेयर शामिल होंगे। आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी, जयपुर के अध्यक्ष डॉ. पंकज गुप्ता ने कहा, पिछले दो दशकों से अधिक समय से, प्रदन्या स्वास्थ्य सेवा के सबसे प्रासंगिक और ज्वलंत विषयों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिनका भारत और शेष विश्व के लिए अत्यधिक महत्व है। इस साल, यह मौजूदा हेल्थकेयर मॉडलों और सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ- साथ सफल प्रौद्योगिकियों, परिवर्तनों, नवाचारों और खोजों पर ध्यान केंद्रित कर भविश्य के हेल्थकेयर के दृश्टिकोण को प्रस्तुत करेगी। इस वर्ष के विषय में नई योजनाओं से लेकर डेटा एनालिटिक्स और तकनीकी नवाचारों तक हेल्थकेयर तंत्र की एक विस्तृत श्रृंखला को शामिल किया गया है। मुझे विश्वास है कि भारत का स्वास्थ्य उद्योग इस प्रतिष्ठित आयोजन में बौद्धिक मंथन से उत्पन्न महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि से बहुत लाभान्वित होगा। अस्पतालों, स्वास्थ्य सेवा, दवा और ग्रामीण प्रबंधन संस्थानों के दर्जनों प्रतिनिधियों और छात्रों ने उच्च-गुणवत्ता वाले षोध पत्र और प्राथमिक और माध्यमिक शोध-आधारित अध्ययन प्रस्तुत किए हैं जो इस क्षेत्र के द्वारा सामना किये जाने वाले ट्रेंडिंग मुद्दों का विश्लेषण करते हैं। प्रदन्या का अर्थ है 'ज्ञान। यह कार्यक्रम 23 सालों से आयोजित किया जा रहा है और इससे स्वास्थ्य सेवा, अस्पताल, दवा और ग्रामीण विकास क्षेत्रों के युवाओं और पेशेवरों के बीच ज्ञान का प्रसार हुआ है। यह उद्योग के दिग्गजों और नये प्रतिभावान छात्रों के बीच बातचीत का एक प्रमुख मंच है। यह छात्रों को शोध पत्र और पोस्टर के रूप में अपने ज्ञान को प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिन्हें वर्षों में दुनिया भर में विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित किया जाता रहा है। प्रदन्या के बारे में अधिक जानकारी चतंकंदलंण्पपीउतण्मकनण्पद पर उपलब्ध है।

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के बारे में:
आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी देश का एक प्रमुख ज्ञान संस्थान है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य, अस्पताल और स्वास्थ्य प्रबंधन, दवा प्रबंधन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में शिक्षण, अनुसंधान और प्रशिक्षण में संलग्न है। इस संस्थान को 1984 में स्थापित किया गया था, और बाद में 2013 में इसने एक विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त किया। संस्थान कई एमबीए प्रोग्राम जैसे एमबीए हॉस्पिटल एंड हेल्थ मैनेजमेंट, एमबीए रूरल मैनेजमेंट और एमबीए फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट की सुविधा उपलब्ध कराता है। मास्टर ऑफ पब्लिक हेल्थ (एमपीएच) को संयुक्त राज्य अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के साथ संयुक्त रूप से पेश किया जाता है। यह राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर कार्यकारी शिक्षा, कंसल्टेंसी और प्रशिक्षण और अनुसंधान के रूप में भी प्रदान किया जाता है। यह दुनिया भर के विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ-साथ राज्य और केंद्र सरकारों के साथ नियमित सहयोग करता है।
पिछले पैंतीस वर्षों में, आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी ने भारत और विदेशों दोनों में, प्रबंधन संस्थानों के बीच अपने लिए एक जगह बनाई है। यह प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल पर आधारित जिला स्वास्थ्य प्रणालियों के लिए डब्ल्युएचओ सहयोग केंद्र है। इसे भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 'उत्कृष्टता के संस्थान' के रूप में भी मान्यता दी गई है। आईआईएचएमआर ने भारत, और व्यापक दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में स्वास्थ्य, सामाजिक और विकासात्मक प्रणालियों और नीतियों पर 800 से अधिक अनुसंधान परियोजनाएं और अध्ययन किए हैं। अब चैथे दशक में कदम रखते हुए, हम प्रभावी स्वास्थ्य, सामाजिक और सार्वजनिक प्रणालियों और सामाजिक रूप से प्रासंगिक स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों को विकसित करने में मदद करने के लिए ज्ञान पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।