कलक्टर ने दिए प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

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जयपुर
जिला स्तरीय औद्योगिक सलाहकार समितिक की बैठक मंगलवार को जिला कलक्टर जगरूप सिंह यादव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। यादव ने बैठक में जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित लम्बित प्रकरणों के बारे में चर्चा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को उनके समयद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने बाईस गोदाम औद्योगिक क्षेत्र में कबाड़ी द्वारा अतिक्रमण किये जाने और इसके कारण हो रही समस्याओं के बारे में जेडीए की ओर से एफआईआर दर्ज कराने तथा रीको के अधिकारियों को भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मालवीय नगर औद्योगिक क्षेत्र से गुजरने वाले बड़े नाले के बहाव क्षेत्र में एनीकट की ऊंचाई के कारण फैक्ट्रियों में पानी भरने की समस्या के निस्तारण के लिए वन विभाग एवं रीको के अधिकारियों को संयुक्त रूप से निरीक्षण कर कार्यवाही के निर्देश दिये गए। बाईस गोदाम क्षेत्र में करतारपुरा नाले संबंधित प्रकरण में रीको द्वारा अपने क्षेत्र में सफाई कराने के बारे में जानकारी दी गई। जिला कलक्टर ने बताया कि इस नाले की वीडियोग्राफी कराकर जेडीए व नगर निगम को एडवाईजरी जारी की गई है। इस औद्योगिक क्षेत्र की ईकाईयों से निकलने वाले कचरे के संबंध में रीको के अधिकारियों ने बताया कि डोर टू डोर कलैक्शन कर इसके निस्तारण की कार्यवाही की जा रही है। जिला कलक्टर ने एक माह के लिए पायलट आधार पर कचरे का निस्तारण नगर निगम के माध्यम से कराने के बारे में निर्देश दिए। बगरू औद्योगिक क्षेत्र में ईएसआई डिस्पेन्सरी में चिकित्सा सुविधाओं से संबंधित प्रकरण में ईएसआई के अधिकारियों ने बताया कि स्टाफ की उपलब्धता बढाई गयी है तथा इस डिस्पेन्सरी का बालाजी हॉस्पिटल से टाईअप कराया गया। इसी प्रकार विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित ईएसआई अस्पताल का समय प्रात 8.00 बजे से रात्रि 8.00 बजे तक करने के बारे में भी बैठक में जानकारी दी गई। विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में अतिक्रमण के प्रकरणों में रीको के अधिकारियों को अभियान चलाकर सतत कार्यवाही के निर्देश दिये गए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) श्री इकबाल खान, जिला उद्योग केन्द्र जयपुर शहर के महाप्रबंधक एवं समिति के सदस्य सचिव श्री डीडी मीना तथा जिला उद्योग केन्द्र (ग्रामीण) के महाप्रबंधक श्री सुभाष शर्मा सहित विभिन्न औद्योगिक संघों के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।