किसानों एवं आदिवासियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से होगा : गहलोत

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डूंगरपुर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि किसानों एवं आदिवासियों की समस्याओं का समाधान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारी सरकार ने किसान ऋण माफी योजना को धरातल पर लागू कर कृषकों को राहत प्रदान की है। गहलोत मंगलवार को डूंगरपुर के स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स में किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2009-2013 में की गई घोषणाओं के तहत जो कार्य अधूरे हैं, उन्हें शीघ्र ही पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा किसी भी विकास कार्य को अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा। सभा स्थल पर मुख्यमंत्री को स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2009-13 में चिखली एवं साबला में उपखण्ड कार्यालय खोले थे, लेकिन भवन निर्माण का कार्य पूर्ण होने के बाद भी यहां कार्य संचालित नहीं हो पाया है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां जल्द ही उपखण्ड कार्यालय शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पानी, बिजली, चिकित्सा, सड़क, सिंचाई जैसी मूलभूत आवश्यकताएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है ताकि आम व्यक्ति को राहत मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पांच साल तक के ऐसे बच्चे जिनके हृदय में छेद है, उनका सांईं संस्थान के सहयोग से नि:शुल्क उपचार करवाने का प्रयास कर रही है। गहलोत ने कहा कि जनजाति बाहुल्य वागड़ क्षेत्र का विकास सदैव ही राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र और यहां के निवासियों से मिलकर सुकून मिलता है। मुख्यमंत्री ने सभा स्थल पर मौजूद आमजन की परिवेदनाओं को भी गंभीरता के साथ सुना और उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। किसान सम्मेलन में चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना, जिला प्रभारी मंत्री राजेन्द्र सिंह यादव, शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री अर्जुन बामणिया, डूंगरपुर विधायक गणेश घोघरा, पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा एवं रघुवीर मीणा आदि मौजूद थे। समाजसेवी दिनेश खोडनिया, पूर्व विधायक लालशंकर घाटिया, सुरेन्द्र बामणिया, राईया मीणा, शंकरलाल अहारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहें।