बारिश बन गई अब बैरन, कई जिले प्रभावित

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जयपुर
राजस्थान में मानसून ने विदाई की बेला में फिर कोहराम मचा दिया है। गत दो-तीन दिन से हो रही भारी बारिश के कारण 5 जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। चंबल नदी उफान पर है. सैंकड़ों गांव टापू बन चुके हैं। बाढ़ से बचाव के लिए सेना को बुलाया गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी बचाव एवं राहत कार्यों में जुटी हुई है।

कोटा बैराज एवं माही बांध के सभी गेट खोले
सीएम अशोक गहलोत ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर सीएमओ में समीक्षा बैठक कर हताहतों को तत्काल राहत देने के निर्देश दिए हैं। कोटा बैराज के सभी 19 और माही बांध के 16 गेट लगातार खुले हुए हैं। बीसलपुर बांध के भी 8 गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। 

कोटा संभाग में सबसे बुरे हालात
सबसे बुरे हालात कोटा संभाग के हैं। पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश समेत कोटा संभाग के बारां, बूंदी और झालावाड़ समेत प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा में हो रही बारिश के कारण सभी नदी नाले भर चुके हैं। चंबल उफान मार रही है। कोटा बैराज से लगातार सभी 19 गेट खोलकर की जा रही पानी की निकासी के कारण कोटा शहर की कई बस्तियों में पानी भर गया, जिससे लोग घरों में फंसकर रह गए हैं। हालात को देखते हुए देर रात सेना को बुलाया गया। सेना ने कोटा शहर के नयापुरा और बालिता क्षेत्र से लोगों को नावों से रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। बारां में भारी बारिश के कारण मवेशी तिनकों की तरह बह रहे हैं। झालावाड़ में बारिश का दौर अब थम गया है। कोटा के इटावा क्षेत्र में 50 से अधिक गांव टापू बन गए हैं। इटावा कस्बा खुद 23 साल बाद टापू बना हुआ है। जिला प्रशासन पूरे हाई अलर्ट मोड पर है। सैंकड़ों मकान जलमग्न हो गए हैं। एसडीआरएफ की टीम ने इटावा के किरपुरिया गांव में 250 लोगों को रेस्क्यू किया है. चंबल के बांधों से लगातार हो रही पानी की निकासी के कारण एक साल पहले बनी चंबल गैंता माखिदा पुल का एक हिस्सा धंस गया है। इसके कारण पुल से भारी वाहनों का आवागमन प्रशासन ने बंद कर दिया है।

बीसलपुर बांध के 17 गेट खोले, उमड़ी पर्यटकों की भीड़
राजस्थान से विदा हो रहा मानसून फिर से मेहरबान हो रहा है। कोटा और वागड़ में मूसलाधार बारिश से नदियों में पानी उफान पर आ गया है। गुलाबीनगर की पेयजल लाइफ लाइन बीसलपुर बांध में इस बार पानी की रिकॉर्ड आवक हुई है। रविवार दोपहर 3.00 बजे एक बार फिर बांध के गेट बढ़ाकर 12 से 17 गेट खोल दिए गए। बांध से बनास में पानी की निकासी 3 लाख 500 क्यूसेक प्रति सेकंड कर दी गई है। 17 गेटों में से 16 गेट तीन -तीन मीटर तक खोले गए हैं, जबकि एक गेट 2 मीटर तक खोल कर बनास नदी में पानी की निकासी की जा रही है। बांध के 17 गेट खोलने के बाद बीसलपुर बांध पर पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी है। बीसलपुर बांध पर कुल 18 गेट है, जिनमें से बांध परियोजना की ओर से 17 गेट खोल दिए गए है। वहीं 18वां गेट भी खोलने की तैयारी है। इसी बीच त्रिवेणी का गेज वापस घटकर 5.70 मीटर रह गया है। सुबह करीब दस बजे बांध के 12 गेट खोलकर प्रति सेकंड एक लाख 92 हजार 280 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इससे पहले बीसलपुर बांध के जलग्रहण क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से तेज बारिश के चलते बांध में पानी की आवक तेज हो जाने से शनिवार सुबह बांध के आठ गेट खोलकर 1.44 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की जाने लगी थी। शनिवार शाम को पानी की निकासी कम कर 96 हजार क्यूसेक रख दी गई थी। वर्ष 2016 में ओवरफ्लो होने पर बांध के 18 में से 16 गेट खोले गए थे।