7 क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों का पंजीयन निरस्त

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  • क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटियों को अपेक्स बैंक एवं केन्द्रीय सहकारी बैंक में ही करना होगा निवेश
  • गृह निर्माण सहकारी समितियों का रिकार्ड होगा ऑनलाइन

जयपुर
सहकारिता मंत्री उदय लाल आंजना ने बताया कि क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के पीडि़तों के लिये 181 हेल्पलाइन अपनी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा शीघ्र शुरू की जायेगी, जिससे पीडि़तों के साथ हुई धोखाधडी की जानकारी प्राप्त की जा सके एवं अन्य ऐसी सोसायटियां जो ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी कर रही हैं की पहचान की जा सकेगी। जिससे उनके खिलाफ कार्यवाही की जा सके। आंजना शुक्रवार को शासन सचिवालय में विभाग की आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अनियमितता वाली क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों की पहचान की जायेगी, जिससे उनका पंजीयन निरस्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि 7 क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियां, जिसमें शुभ, सुधन, पार्वती, दानी, अम्बे, केशव एवं सुप्रीम के्रडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग पूर्ण मुस्तैदी के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियां अपना निवेश केवल अपेक्स बैंक एवं केन्द्रीय सहकारी बैंक में ही करें। इसके लिये संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं तथा निवेश नहीं करने वाली क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के खिलाफ नियमान्तर्गत कार्यवाही अमल लाई जायेगी। उन्होंने कहा कि जनता के साथ किसी प्रकार का धोखा बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। सहकारिता मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जुलाई, 2019 में दि बैनिंग ऑफ अनरेग्यूलेटेड डिपोजिट स्कीम एक्ट पारित किया गया है। केन्द्र की ओर से इस पर नियम बनने की प्रक्रिया जारी है। केन्द्र की ओर से नियम जारी होते ही राज्य की ओर से भी नियम बनाकर इस कानून के माध्यम से निवेशकों के हितों को सुरक्षित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य की ओर से नियम बनाने के लिये शीघ्र ही विधि विशेषज्ञ को कार्य सौंपा जायेगा।