धारा 370 संविधान की एक अस्थायी व्यवस्था है : राजनाथ सिंह

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जयपुर
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत का पक्ष कई बार कांग्रेस के कारण कमजोर हुआ है। इसके साथ ही सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 व 35 ए के लाभ की समीक्षा करने का समय आ गया है। राजस्थान के चुनावी दौरे पर आए सिंह ने यहां संवाददाताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा, इस प्रकार के सवालों से आतंकवाद के खिलाफ भारत का पक्ष कमजोर होता है। कई ऐसे अवसर भी आए जब आतंकवाद के खिलाफ भारत का पक्ष कांग्रेस के कारण कमजोर हुआ।उन्होंने कहा, हिंदू आतंकवाद की एक नयी अवधारणा इन्होंने दी है। आतंकवाद आतंकवाद होता है, उसका कोई जाति, धर्म या मजहब नहीं होता। आतंकवाद को किसी हिंदू, मुस्लिम या इसाई के साथ नहीं जोड़ा जा सकता। उनकी इस नयी थ्योरी ने भी आतंकवाद के खिलाफ भारत के पक्ष को कमजोर किया है। जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के सवाल पर राजनाथ ने कहा, जम्मू-कश्मीर में धारा 370 के बारे में कहना चाहूंगा कि धारा 370 संविधान की एक अस्थायी व्यवस्था है। अब इस बात की समीक्षा करने का समय आ गया है कि धारा 370 व 35 ए से जम्मू-कश्मीर को कितना लाभ हुआ है। अब कुछ लोग भारत में दो प्रधानमंत्री होने की बात कर रहे हैं तो धारा 370 व 35ए का क्या औचित्य रह जाता है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में राष्ट्रद्रोह के कानून को समाप्त करने की बात कही है। लेकिन, हम लोग तो चाहेंगे कि राष्ट्रद्रोह का कानून और सख्त हो। बस यह सावधानी बरतनी चाहिए कि राष्ट्रद्रोह या किसी भी अन्य कानून का दुरुपयोग नहीं हो। पहले दो चरण के मतदान से स्पष्ट है कि रुझान किस ओर है। इसमें कोई दोराय नहीं कि भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलेगा। इस संभावना को भी नकारा नहीं जा सकता है कि राजग तीन-चौथाई बहुमत हासिल कर लेगा।