आइडेंटिटी डिवाइसेज ने लॉन्च किया इनोवेटिव बॉयोमेट्रिक प्राइवेसी प्लेटफॉर्म

img

नई दिल्ली
डिजिटल आइडेंटिटी और बायोमेट्रिक टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी आइडेंटिटी डिवाइसेज स्वीडन एबी (आइडेंटिटी डिवाइसेज) ने आज बेहतर डाटा सुरक्षा, निजता और गोपनीयता को सुनिश्चित करने वाली आधार व्यवस्था के लिए नए इनोवेटिव बॉयोमेट्रिक प्राइवेसी प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने की घोषणा की। बॉयोमेट्रिक प्राइवेसी प्लेटफॉर्म (बीपीपी) में आधार व्यवस्था के लिए ऑथेंटिकेशन हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर है जो प्राइवेसी और डाटा सुरक्षा बढ़ाते हुए सुविधा मुहैया कराता है। इसमें आधार के तहत दर्ज तस्वीर, नाम, पता, मोबाइल नंबर व अन्य सभी जानकारियों के प्रयोग पर यूजर को पूरा नियंत्रण दिया जाता है। आधार दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक डिजिटल आइडेंटिटी प्रोग्राम है। 90 प्रतिशत से ज्यादा भारतीयों ने आधार को सरकारी या गैर सरकारी सेवाओं से जोड़ा हुआ है। इनमें टैक्स सेवा, रसोई गैस की सब्सिडी, बैंकिंग, पासपोर्ट और ऐसी कई अन्य सेवाएं शामिल हैं। बॉयोमेट्रिक प्राइवेसी प्लेटफॉर्म प्राइवेसी व डाटा सुरक्षा के साथ सहूलियत बढ़ाता है। इसमें हर व्यक्ति को यह चुनने का अधिकार दिया जाता है कि उसके आधार से जुड़े डाटा का किस तरह से इस्तेमाल हो। बॉयोमेट्रिक प्राइवेसी प्लेटफॉर्म आधार के ऑनलाइन और ऑफलाइन ऑथेंटिकेशन के दौरान अतिरिक्त प्राइवेसी और यूजर द्वारा स्वयं चुनने की व्यवस्था देता है। जिस डिवाइस में बीपीपी और इसके ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था रहती है, उसमें हर बार आधार ऑथेंटिकेशन के समय यूजर को यह चुनने का अधिकार मिलता है कि वह कितना और किस तरह अपना आधार डाटा साझा करना चाहता है। बीपीपी का क्यूआर कोड ऑफलाइन ऑथेंटिकेशन देश के आधार कानून, सुप्रीम कोर्ट के फैसले, यूआईडीएआई की शर्तों व अन्य सरकारी नीतियों के अनुरूप है। ऑनलाइन ऑथेंटिकेशन व बायोमेट्रिक कैप्चर सुविधा में भी मल्टी-मोडल बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (चेहरा, अंगुली और पुतली) के लिए यूआईडीएआई की शर्तों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। आइडेंटिटी डिवाइसेज के सीईओ व संस्थापक डेविड बर्नेट के मुताबिक, ‘‘आइडेंटिटी डिवाइसेज इस सिद्धांत को लेकर प्रतिबद्ध है कि हर व्यक्ति का अपने निजी डाटा पर अधिकार होना चाहिए कि वह क्या और कहां शेयर करेगा और उसका कैसे प्रयोग होगा। आधार यूजर्स से बेहतर इस सिद्धांत का कहीं प्रतिपादन नहीं हो सकता है। हमें खुशी है कि हमने भारतीय बाजार में ऐसा डिवाइस उतारा है जो अपनी निजी जानकारियों से जुड़ी लोगों की जायज चिंताओं को दूर करता है। आइडेंटिटी डिवाइसेज का यह समाधान डिजिटल आइडेंटिटी, आईओटी और फिनटेक डिवाइस निर्माताओं के लिए अपने उपकरणों में बायोमेट्रिक फीचर देना पहले से कहीं आसान कर देगा, जो उन्हें आज के दौर के ऑथेंटिकेशन व आइडेंटिटी इकोसिस्टम से सुरक्षित तरीके से जुडऩे में मदद करेगा। आइडेंटिटी डिवाइसेज, इंडिया के सेल्स एंड मार्केटिंग वीपी मुकेश सिंह ने कहा, ‘‘आधार जैसी व्यवस्था ने मल्टी-मोडल बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के आसान प्रयोग, टिकाऊपन और आर्थिक रूप से लाभकारी पहलू को साबित किया है। इसलिए आज की तारीख में भारत में फिंगरप्रिंट व आइरिस ऑथेंटिकेशन की मांग बड़े पैमाने पर बढ़ी है। हमारे प्री-सर्टिफाइड और ईजी टू इंटीग्रेट उत्पाद कई उपकरण निर्माताओं की जरूरत को पूरा करने में सक्षम हैं। इनकी मदद से उपकरण निर्माता आसानी से उनमें बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की सुविधा दे सकते हैं। आइडेंटिटी डिवाइसेज ने हाल ही में दुनिया की अग्रणी बायोमेट्रिक्स कंपनी फिंगरप्रिंट काड्र्स     (फिंगरप्रिंटस) के साथ गठजोड़ किया है। यह गठजोड़ वैश्विक डिजिटल आइडेंटिटी, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी (फिनटेक), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और अन्य इनोवेटिव व तेजी से बढ़ते बाजारों में बायोमेट्रिक के प्रयोग को गति देने के उद्देश्य से किया गया है। समझौते के मुताबिक, आइडेंटिटी डिवाइसेज नए उत्पादों और प्री-सर्टिफाइड इंटीग्रेशन किट में फिंगरप्रिंट्स की फिंगरप्रिंट व आइरिस बायोमेट्रिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी। इससे उपकरण निर्माताओं के लिए मल्टी-मोडल बायोमेट्रिक की सुविधा को अपनाना व लोकल ऑथेंटिकेशन को सक्रिय करना और वैश्विक व राष्ट्रीय ऑथेंटिकेशन की व्यवस्थाओं से जुडऩा आसान हो सकेगा।

whatsapp mail